जाटों को ओबीसी में शामिल किए जाने के खिलाफ जाकर बतौर एडवोकेट
पैरवी कर आरक्षण रद्द करवाने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता लाल बहादुर खोवाल के
चैंबर में शुक्रवार की रात कोई असामाजिक तत्व आग लगा गया।
आग लगाने वालों
ने मिट्टी का तेल चैंबर के दरवाजे पर छिड़का और चिंगारी लगाकर वहां से फरार
हो गया। गनीमत यह रही कि आग दरवाजे तक ही रही चैंबर में आगे नहीं बढ़ पाई।
एडवोकेट की विभिन्न केस से संबंधित फाइलें जलने से बच गई। मामले की सूचना
एडवोकेट को सुबह कोर्ट पहुंचने पर पता चली। सूचना मिलते ही उन्होंने पुलिस
को जानकारी दी। सूचना मिलते ही डीएसपी जयपाल मौके पर पहुंचे।
मामले की एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने पुलिस को लिखित में शिकायत दी है।
शिकायत में उन्होंने बताया कि उन्होंने बहुचर्चित केस की पैरवी की है,
जिसमें जाटों को ओबीसी में शामिल किए जाने की खिलाफत वाला केस, मनोज बबली
हत्याकांड, रेलूराम पूनिया कांड, डाबड़ा गैंग रेप जैसे मामले शामिल हैं।
उन्होंने शक जाहिर किया है कि हो सकता है कि इन्हीं किसी केस से संबंधित
किसी असामाजिक तत्व ने इस वारदात को अंजाम दिया हो।
एसपी से मिले वकील
एडवोकेट कुछ वकीलों को साथ लेकर एसपी अश्विन शैणवी से मिले हैं। उन्होंने
पुलिस प्रशासन से अज्ञात आरोपियों की तलाश कर सख्त कार्रवाई करने की मांग
की है। इस मामले को लेकर वर्क सस्पेंड तो रखा ही गया पूरा दिन वकीलों में
यह चर्चा रही। पूरा दिन वकील खोवाल के चैंबर के सामने खड़े रहे।