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12 को मय्यड़ में पूरी तैयारी से पहुंचेंगे, सैनी अपनी ब्रिगेड लेकर आ जाएं : दलजीत पंघाल

Thu, 11 Feb 2016 01:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
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जाट सहित छह जातियों के आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष दलजीत पंघाल ने कहा कि हम 12 को मय्यड़ में हेलमेट-लाठी लेकर पहुंचेंगे। जाटों का विरोध करने वाले राजकुमार सैनी अपनी ब्रिगेड लेकर आ जाएं।
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रैली में बीरेंद्र सिंह, कैप्टन अभिमन्यु, ओपी धनखड़, सुभाष बराला में से कोई आकर भरोसा दिलाएगा तो ही आंदोलन को स्थगित करेंगे। अगर कोई नहीं आया तो मौके पर ही अगली रणनीति का एलान करेंगे।

जाट धर्मशाला में मीडिया से बातचीत में दलजीत पंघाल ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से आठ राज्यों में जाटों को आरक्षण दे रही है। तो 9वें हरियाणा में भी दिया जाए। हरियाणा की छह जातियों को आंदोलन के बाद उनका हक मिला था। सरकार की ओर से बनाए गए नियम-कानून अदालत को मानने होते हैं।
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कोई अदालत सरकार से बड़ी नहीं होती। सरकार कानून बनाकर इन छह जातियों को आरक्षण प्रदान करे। उन्होंने कहा कि जाट, बिश्नोई, रोड, त्यागी, जट सिख को किस तरह आरक्षण दिया जाए इसका रास्ता प्रदेश सरकार निकाले। 

दलजीत पंघाल ने कहा कि रैली में आने वाले लाठी और सिर पर हेलमेट पहनकर आएंगे। जाटों के खिलाफ जहर उगलने वाले  राजकुमार सैनी अपनी ब्रिगेड लेकर आ जाएं।

हम पूरी तरह से तैयार हैं। 12 फरवरी की मय्यड़ रैली में प्रदेशाध्यक्ष हवा सिंह सांगवान सहित कई अन्य पदाधिकारी संबोधित करेंगे। प्रदेशभर से लोग इस रैली में आएंगे। इस अवसर पर शमशेर सिंह, राजकुमार पूनिया, कृष्ण देव पंवार, सतबीर सिंह सातरोड, रामकुमार भादू आदि मौजूद थे।
जाट मंत्री आकर दिलाएं विश्वास
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आंदोलन का स्वरूप सरकार पर निर्भर है। केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला में से कोई आकर हमें विश्वास दिलाएं कि अन्य राज्यों की तरह से हरियाणा के जाटों को भी उनका आरक्षण का हक मिलेगा तो हम आंदोलन को स्थगित कर सकते हैं। हमें कोई जवाब नहीं मिला तो रैली स्थल पर ही कमेटी बनाकर आंदोलन के स्वरूप की घोषणा कर देंगे। 

आंदोलन विफल करने के लिए तय की 31 मार्च की तिथि
दलजीत पंघाल ने कहा कि 31 मार्च का समय ऐसा है, जब खेतों में फसल तैयार होती है। अगर सरकार बदलती है तो वह समय आंदोलन करने का नहीं है। सरकार ने एक रणनीति के तहत आंदोलन खराब करने के लिए 31 मार्च का समय दिया। सरकार अपनी नीति और नीयत साफ करे।

सुप्रीम कोर्ट के एसवाईएल के आदेश को क्यों नहीं माना
सुप्रीम कोर्ट की ओर से जाट आरक्षण के सवाल पर दलजीत पंघाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दर्जनों ऐसे फैसले हैं, जो लागू नहीं कराए जा सके। एसवाईएल का पानी हरियाणा को देने के हक में फैसला आया था।
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केंद्र और प्रदेश सरकार आज तक इसे लागू नहीं करा सकी। सरकार कानून बनाकर जाट सहित छह जातियों को आरक्षण प्रदान करे।
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