हिसार। प्रदेश के कई जिलों में बुधवार को पश्चिमी विक्षोभ और बिपरजॉय के असर से बारिश हुई। मौसम विशेषज्ञ की मानें तो वीरवार को प्रदेश के उत्तरी व दक्षिणी हिस्से पर इसका प्रभाव रहेगा। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में दो मौसम प्रणाली अपना असर दिखा रही है। 18 जून को सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के असर से बुधवार को फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी व महेंद्रगढ़ जिले में कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी से लेकर बारिश की गतिविधियां हुईं।
वहीं चक्रवातीय तूफान बिपरजॉय कमजोर श्रेणी के कम दबाव क्षेत्र में तब्दील हो कर दक्षिणी पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर सक्रिय है। इसके असर से महेंद्रगढ़, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, सोनीपत, पानीपत, करनाल, पंचकूला व यमुनानगर आदि जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया गया। इस दौरान प्रदेश में अधिकतम तापमान 36.3 से 42.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.0 से 28.0 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।
आगे ऐसा रहेगा मौसम
22 जून तक हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली के दक्षिणी व उत्तरी हिस्से पर इस मौसम प्रणाली का आंशिक प्रभाव जारी रहने की संभावना है, जबकि प्रदेश के उत्तर पश्चिम हिस्सों फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी व रोहतक को छोड़कर मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहेगा। आने वाले तीन दिनों तक प्रदेश में धीरे धीरे तापमान में बढ़ोतरी होगी और आमजन को उमसभरी पसीने वाली गर्मी का सामना करना पड़ेगा। बिपरजॉय के अवशेष कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील होकर वीरवार रात तक पूर्वी उत्तरप्रदेश पर पहुंचेंगे। तब बंगाल की खाड़ी से इसे प्रचुर मात्रा में नमी मिलने लगेगी और यह मौसम प्रणाली ताकतवर हो कर फिर से मानसूनी हवाएं खींच कर मैदानी राज्यों की तरफ लाएगी, जिससे इन राज्यों में आमजन को भीषण गर्मी राहत मिलेगी। इसके असर से हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में 25 जून से 30 जून और जुलाई के प्रथम सप्ताह में भी बारिश की गतिविधियों की प्रबल संभावना बन रही है।