हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में मुख्य सुरक्षा अधिकारी (सीएसओ) की बहाली के विरोध में इंडियन स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन (आईएसओ) ने बुधवार को विश्वविद्यालय के गेट नंबर चार पर प्रदर्शन किया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कुलपति के पुतले की यात्रा निकाली और बाद में उसे जलाकर विरोध जताया। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए गेट पर आवाजाही भी प्रभावित रही।
आईएसओ के प्रदेशाध्यक्ष साहिलदीप कस्वां ने कहा कि 11 जून को एचएयू में छात्रों के आंदोलन के दौरान मुख्य सुरक्षा अधिकारी सुखबीर सिंह के नेतृत्व में लाठीचार्ज किया गया था, जिसमें कई छात्र घायल हुए थे। इस मामले में विश्वविद्यालय के आठ अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी, जिनमें रजिस्ट्रार, मुख्य सुरक्षा अधिकारी और एक प्रोफेसर शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर आरोपों के बावजूद मुख्य आरोपी सीएसओ को मात्र छह माह के भीतर दोबारा बहाल कर दिया गया, वह भी छात्रों के अवकाश के दौरान, ताकि किसी तरह का विरोध न हो सके।
आईएसओ के जिला प्रधान सुखी मंगाली ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन का यह कदम छात्र हितों के खिलाफ है और इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आईएसओ नेताओं ने सरकार से मांग की कि मंडल आयुक्त की रिपोर्ट के आधार पर कुलपति व उनकी पत्नी के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही कुलपति और उनके निजी सचिव कपिल अरोड़ा का नार्को टेस्ट, लाठीचार्ज की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी और मेडिकल रिपोर्ट बनाने वाले डॉक्टर की जांच, सीएसओ सुखबीर सिंह की बर्खास्तगी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता एमएल खीचड़ की जांच, दिव्या फोगाट मृत्यु प्रकरण की सीबीआई जांच, वैज्ञानिकों व अध्यापकों के कथित अन्यायपूर्ण तबादलों और स्वामीनाथन पुरस्कार प्रकरण की जांच की मांग भी रखी गई।
नेताओं ने चेताया कि मांगें नहीं मानी गईं तो पांच जनवरी को एचएयू में होने वाले कार्यक्रम का विरोध किया जाएगा। प्रदर्शन में युवा इनेलो जिला महासचिव चेतराम ढाका, नलवा हलका प्रधान संजय कुल्हरिया, रवि बिश्नोई, डीएन कॉलेज प्रधान अंकुश चहल, अनुराग कुंडू, हर्ष बागड़ी, अनीश बिश्नोई, रमन कस्वां, अंकित जोगी सहित अन्य मौजूद रहे।