हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में 25 से 27 फरवरी 2026 तक डिसाइफरिंग द पोटेंशियल ऑफ क्लाइमेट रेजिलिएंट फंक्शनल क्रॉप्स फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर एंड एग्रो-इंडस्ट्रीज (डीपीसीएफसी-एसएएआई-2026) विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होगा। शिक्षा मंत्रालय की ‘स्पार्क’ योजना के तहत यह आयोजन मैसी यूनिवर्सिटी के सहयोग से हाइब्रिड मोड में किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के वैज्ञानिक, शोधार्थी, शिक्षाविद, उद्योग विशेषज्ञ और नीति-निर्माता ऑनलाइन व ऑफलाइन भाग लेंगे।
कुलपति प्रो. बलदेव राज कांबोज ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच कार्यात्मक फसलों पर हो रहे नवीनतम शोध, नवाचार और तकनीकी प्रगति पर विचार-विमर्श करना तथा सतत कृषि उत्पादन और एग्रो-इंडस्ट्री विकास के लिए ठोस रणनीतियां तैयार करना है।
मौलिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. राजेश गेरा ने कहा कि विश्वविद्यालय कृषि, एग्री-बिजनेस, कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी, सामुदायिक विज्ञान, मत्स्य विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी तथा मौलिक विज्ञान में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर चुका है। वर्ष 2025 में जल संरक्षण क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए विश्वविद्यालय को भारत की राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित भी किया गया था।
सम्मेलन में मोरिंगा की वृद्धि, बीज गुणवत्ता, एंटीऑक्सीडेंट और टैनिन गुणों पर पर्यावरणीय प्रभाव से जुड़े शोध पर विशेष फोकस रहेगा। शोधपत्र प्रस्तुतियों और विशेषज्ञ चर्चाओं के जरिए जलवायु-स्मार्ट कृषि को बढ़ावा देने, बहु-संस्थागत सहयोग मजबूत करने और कृषि आधारित उद्योगों के सतत विकास के नए आयाम स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।