हिसार। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) के कन्या छात्रावास में बुधवार शाम हुए औचक निरीक्षण को लेकर छात्राओं में रोष है। छात्राओं के अनुसार, रजिस्ट्रार और प्रॉक्टर के नेतृत्व में करीब 8-9 अधिकारियों व कर्मचारियों का दल बिना पूर्व सूचना छात्रावास पहुंचा।
आरोप है कि निरीक्षण दल सामान्य परिसर और मेस तक सीमित न रहकर छात्राओं के निजी कमरों तथा बाथरूम के आसपास तक पहुंचा जिससे कई छात्राएं असहज हुईं। छात्राओं ने बताया कि दल में पुरुष अधिकारी भी शामिल थे।
उनका कहना है कि छात्रावास की व्यवस्थाओं का निरीक्षण जरूरी था तो इसे महिला वार्डन और महिला अधिकारियों की मौजूदगी में निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जा सकता था। छात्राओं के अनुसार, निरीक्षण के दौरान कुछ छात्राएं बाथरूम में स्नान कर रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों को इसकी जानकारी होने के बावजूद उस क्षेत्र की ओर जाने से उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।
छात्राओं ने कहा कि छात्रावास उनका निजी और सुरक्षित स्थान है। सुरक्षा व अनुशासन की जांच जरूरी है लेकिन निरीक्षण में निजता और व्यक्तिगत गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने भविष्य में निरीक्षण के लिए स्पष्ट एवं पारदर्शी एसओपी बनाने, महिला वार्डन व महिला अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने की मांग की है। छात्राओं ने मामले को विश्वविद्यालय के उच्च अधिकारियों के समक्ष रखने की बात कही है।
छात्राओं की शिकायत पर ही छात्रावास का निरीक्षण किया गया था। केवल उन्हीं छात्राओं के कमरों को देखा गया, जिन्होंने शिकायत की थी। इसके अलावा छात्रावास के शौचालयों का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय महिला स्टाफ और शिकायत करने वाली छात्राएं मौके पर मौजूद थीं। पूरी प्रक्रिया उनकी मौजूदगी में ही की गई।
- ओपी सांगवान, प्रॉक्टर, जीजेयू।