डिप्टी मेयर भीम महाजन और पार्षद उदयवीर मिंटू ने बुधवार को कांट्रेक्ट पर निगम में लगे 56 कर्मचारियों की हाजिरी चेक की। अधीक्षक कैलाश चंद्र और हेड क्लर्क राजकुमार शर्मा को मौके पर बुलाकर उनके साथ ब्रांच वाइज एक-एक सीट पर जाकर कर्मचारियों की हाजिरी ली। मौके पर 35 कर्मचारी उपस्थित मिले। इन्हीं कर्मचारियों की हाजिरी लगाई गई थी। 21 कर्मचारियों की रजिस्टर पर हाजिरी ही नहीं थी।
35 कर्मचारियों में भी कुछ कर्मचारी सीट पर नहीं थे, वे इधर-उधर गए हुए थे। साथी कर्मचारियों ने उन्हें फोन कर कार्यालय में बुला लिया। जनप्रतिनिधि द्वारा औचक निरीक्षण करने के दौरान नगर निगम में हड़कंप मच गया। शाम साढ़े चार-पांच बजे तक कर्मचारी नगर निगम में पहुंचकर अपनी उपस्थिति की सफाई देते रहे।
तहबाजारी इंचार्ज के खिलाफ हो कार्रवाई
डिप्टी मेयर और पार्षद उदयवीर मिंटू ने इस मामले के बाद डीसी निखिल गजराज को चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में लिखा है कि जिन 56 कर्मचारियों को निगम में कांट्रेक्ट पर लगाया गया है, इनमें से अधिकतर कर्मचारी फरलो पर रहते हैं।
पार्षद बोले, कर्मचारी ही नहीं रहेंगे तो कैसे होंगे काम
पार्षद उदयवीर मिंटू ने कहा कि जब सीट पर कर्मचारी ही नहीं बैठेंगे तो जनता के काम कैसे होंगे। लोग ब्रांचों के चक्कर काटते रहते हैं कई कर्मचारी तो फरलो पर रहते हैं और कई मौजूद होते हुए भी एक-दूसरे ऑफिसों में बैठे रहते हैं।
नगर निगम में मचा हड़कंप
इस मामले को लेकर नगर निगम में हड़कंप मच गया। डिप्टी मेयर और पार्षद मिंटू ने पहले रेजीडेंट ऑडिट ऑफिसर प्रदीप पूनिया को मेयर कार्यालय में बुलाया। उन्होंने कहा कि आप लोग कितने कर्मचारियों की सेलरी ऑडिट कर रहे हो।
इस पर पूनिया ने कहा कि जो हमारे पास आती है, उनकी नियम के अनुसार और हाजिरी के अनुरूप ही सेलरी निकलती है। उन्होंने बताया कि 56 कर्मचारियों का इंचार्ज हेड क्लर्क और अधीक्षक हैं, वे इस बारे में बताएंगे।
इसके बाद अधीक्षक और हेड क्लर्क शर्मा को बुलाया गया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वे कांट्रेक्ट पर लगे कर्मचारियों की हाजिरी दिखाएं और उन्हें 10 मिनट में मेयर कार्यालय में बुलाया जाए। इस पर हेड क्लर्क ने कहा कि आधा घंटा लगेगा और कमरे से बाहर चले गए। बाहर जाते ही वे दोनों आपस में बातचीत कर कर्मचारियों के पास फोन घनघनाने लगे। कर्मचारी भी एक-दूसरे के पास कॉल करके उन्हें बुलाने लगे।