प्रदेश सरकार की ओर से एक अगस्त से स्पीड गवर्नर व ऑटो डिपर के बिना पासिंग न किए जाने के फैसले के खिलाफ दि हिसार ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने न्यू ऑटो मार्केट स्थित पासिंग स्थल पर गाड़ियों की पासिंग को रुकवा दिया। यूनियन सदस्यों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ ऑटो मार्केट में विरोध प्रदर्शन भी किया।
हांसी, बरवाला, हिसार, आदमपुर सहित अन्य एरिया के ट्रांसपोर्टर मंगलवार को हिसार ऑटो मार्केट पहुंचे। यहां वाहनों की पासिंग को बंद करा दिया। एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार की ओर से तय नई शर्तों का विरोध किया। दि हिसार ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रवक्ता कुलदीप बैनीवाल ने बताया कि सरकारी स्पीड गवर्नर व ऑटो डिपर के नाम पर ट्रांसपोर्टर्स से चार गुणा तक कीमतें वसूल कर रही है। गाड़ियों में पहले से ही स्पीड गवर्नर लगे हुए हैं परंतु अधिकारी (एमवीआई) पुराने स्पीड गवर्नर को मान्यता नहीं दे रहे।
सरकार की ओर से एक ही विशेष कंपनी (रोसमेट्रा) को अधिकृत किया गया है। उसी से यह स्पीड गवर्नर लगाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। आरोप है कि स्पीड गवर्नर बेचने वाली कंपनी रोसमेट्रा स्पीड गवर्नर के लिए मनमानी कीमत 8500 रुपये वसूल कर रही है।
यूनियन नेताओं ने कहा कि यह कंपनी 2013 तक अपना स्वीड गवर्नर 3200 रुपये में बेचती थी। करीब तीन साल में ही कीमत तीन गुणा कर दी। इस मामले की विजिलेंस जांच करवाई जानी चाहिए। पारदर्शिता के लिए सरकार को 8-10 कंपनियों को अप्रूव करना चाहिए, जिससे कोई भी एक कंपनी अपनी मनमानी न कर सके। जिन गाड़ियों में पहले से स्पीड गवर्नर लगा हुआ है। सरकार को उन गाड़ियों को चेक करके उन गाड़ियों को पास करना चाहिए, ताकि गाड़ी मालिकों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
केंद्र सरकार की ओर से छूट
देश के अन्य राज्यों में भारत सरकार ने गजट नोटिफिकेशन 31 अक्तूबर तक स्पीड गवर्नर के लिए छूट प्रदान की है। जबकि हरियाणा सरकार स्पीड गवर्नर के बिना गाड़ियां पास नहीं कर रही। हरियाणा सरकार केंद्र सरकार के आदेश को ही नहीं मान रही।
ऑटो डिपर का फायदा नहीं, फिर भी चार गुना वसूली
ऑटो डिपर के बारे में भी जो निर्देश दिया है उसका भी कोई तकनीकी लाभ नहीं है। प्रदेश में लगभग सभी हाईवे फोर लाइन व सिक्स लाइन हो चुके हैं। जिससे सामने से गाड़ी आती ही नहीं। इसलिए ऑटो डिपर की जरूरत नहीं है। इसके लिए सेंट्रल गवर्नमेंट का कोई नोटिफिकेशन भी नहीं है। ऑटो डिपर के लिए एक ही कंपनी को अधिकृत किया है। 1300 से 1500 रुपये की कीमत के ऑटो डिपर के कंपनी 4000 रुपये वसूल रही है।
नए नियमों के साथ हो रही पहली पासिंग का विरोध
हिसार में वाहनों की दो दिन पासिंग होती है। मंगलवार 9 अगस्त को इस महीने की पहली पासिंग हो रही थी। सप्ताह के इन दोनों दिन औसतन 500 से अधिक गाड़ी पासिंग के लिए आती हैं। कॉमर्शियल उपयोग की हर गाड़ी को हर साल पासिंग की प्रक्रिया से गुजरना होता है।
शुक्रवार को मंडल के पदाधिकारी बनाएंगे रणनीति
ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन ने कहा कि प्रदेश भर में इस नियम का विरोध किया जा रहा है। शुक्रवार को हिसार मंडल के सभी ट्रांसपोर्टर्स हिसार में जुटेंगे, जिसमें आगामी आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। सरकार ने मांग नहीं मानी तो प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन चलाएंगे।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रधान सत्यप्रकाश राजलीवाला, राजू बाबा रोड लाइन, रणवीर नैन, नरेंद्र, सुरेश जग्गल, संदीप अग्रवाल, रामधारी, जगमोहन जैन, राहुल सिंगल, सुरेश नियाणा, वेद प्रधान, मुकेश जय हनुमान, सोनू राजलीवाला, देवेंद्र लांबा, शरीफ, बिल्लू हांसी, महेंद्र डीआरसी, सीटू सहित अनेक ट्रांस्पोर्ट मौजूद थे।
25 हजार कॉमर्शियल वाहन
हिसार जिले की अपने एरिया की सबसे बड़ी ट्रांसपोर्टर्स यूनियन है, जिसमें करीब 4500 से 5000 बडे़ ट्रक, ट्रॉला शामिल हैं। ऑटो रिक्शा, छोटा हाथी सहित अन्य वाहनों को मिलाकर जिले में करीब 25 हजार से अधिक कॉमर्शियल वाहन हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से मिले आदेशों को हम लागू कर रहे हैं। सरकार की ओर से एक ही कंपनी को स्पीड गवर्नर के लिए अधिकृत किया गया है। उसी कंपनी के गवर्नर मान्य होंगे। ट्रांसपोर्टर्स की ओर से जो मांग पत्र सौंपा गया है हम उसे सरकार को भेज रहे हैं।
- सुमित कुमार, आरटीए, हिसार