खाद की बढ़ी कीमतों को वापस लेने और गेहूं की खरीद करने के लिए मंडियों में बारदाने की उचित व्यवस्था करने की मांग को लेकर इनेलो (इंडियन नेशनल लोकदल) ने सोमवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद उपायुक्त को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन का नेतृत्व इनेलो के वरिष्ठ नेता सुनील लांबा ने किया और अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सतबीर सिसाय ने की।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सुनील लांबा ने कहा कि खाद की कीमतों में की गई बेतहाशा वृद्धि किसानों पर बहुत बड़ी मार है। इसका भार न केवल किसानों, बल्कि आम आदमी पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्णय के अनुसार खाद की कीमतों में 50 प्रतिशत से लेकर 60 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। डीएपी पर 60 प्रतिशत वृद्धि और अन्य खादों एनपीके आदि पर 50-55 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यह वृद्धि ऐसे समय में की गई है जब खरीफ की फसलों की एमएसपी पहले ही घोषित हो चुकी है, जिसमें पिछले साल की एमसपी पर लगभग 3 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इनेलो नेता ने कहा कि किसानों को बढ़ी हुई कीमतों पर खाद खरीदनी पड़ेगी, जिससे फसल के लागत मूल्य में भारी वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ तो किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है और दूसरी तरफ खाद की कीमतों और पेट्रोल-डीजल के दामों में भारी वृद्धि कर रही है, इससे किसान की आय दोगुनी कैसे होगी। उन्होंने कहा कि खाद की अप्रत्याशित मूल्य वृद्धि की इनेलो कड़ी निंदा करता है और इस वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग करता है।
प्रदर्शन में चतर सिंह स्याहड़वा, देवीलाल सिहाग, हनुमान भादू, गंगाराम एडवोकेट, प्रदीप बाजिया, राजीव राजा, वजीर बूरा, सतपाल काजला, कलीराम खेदड़, सुरजीत कड़वासरा, यशपाल बेरवाल, रघुविंद्र खोखा, वजीर ज्याणी, अशोक यादव, सतनारायण मंगाली, डॉ. जय सिंह, सत्यवान राजली, रणबीर लोहान, होशियार खान, राजबीर खान, एडवोकेट सरोज, अन्नू सूरा, बलबीर सिहाग, राजबीर सिंधु, सत्यवान पानू, मान सिंह चौहान, प्रमोद बागड़ी, अमित सैनी, विनोद कस्वां, रामनिवास पायल, सुरेंद्र सहरावत, अजय मान, कंवल सिंह, जगदीश घिराय, व प्रवक्ता रमेश चुघ आदि शामिल रहे।