सरकार द्वारा धान व कपास की खरीद बंद करने और नमी के नाम पर किसानों से हो रही लूट के विरोध में इनेलो पदाधिकारियों ने मंगलवार को जिला प्रधान सतबीर सिसाय के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा। जिला प्रधान सतबीर सिसाय ने बताया कि भाजपा सरकार द्वारा चुनाव के तुरंत बाद धान की खरीद और किसानों द्वारा मंडियों में धान लाने पर पाबंदी लगा दी है, जिसके कारण किसानों को मजबूरन औने-पौने दामों में अपनी धान की फसल बेचनी पड़ रही है।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1835 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया हुआ है, लेकिन सरकारी अधिकारियों और राइस मिलर्स की मिलीभगत के कारण नमी की आड़ में 150 से 200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कटौती की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को दिए जा रहे जे फार्म में जो राशि अंकित की जा रही है, वह नहीं दी जा रही है। इनेलो जिला प्रधान ने आरोप लगाया कि नमी के मापदंड की आड़ में किसानों को लूटा जा रहा है। इस लूट के विरोध में किसानों ने प्रदेश में कई स्थानों पर प्रदर्शन कर अपना रोष प्रकट किया है। उन्होंने बताया कि कपास की खरीद भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नहीं की जा रही है। कपास की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5500-5600 रुपये है और किसानों को 4700-4800 रुपये प्रति क्विंटल दिए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि धान व कपास की खरीद निर्धारित मूल्य पर तत्काल शुरू की जाए और अनधिकृत कटौती की भरपाई की जाए और पराली जलाने को लेकर दर्ज किए गए मुकदमे वापस लिए जाएं। इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता राजसिंह मोर, राजेश गोदारा, चतर सिंह स्याहड़वा, सुरेश कौथ, देवीलाल सिहाग, सतपाल काजला, राय सिंह पूनिया, राजीव राजा, कुलबीर बामल, एडवोकेट गंगाराम, कलीराम खेदड़, बलबीर सिहाग, प्रमोद बागड़ी, ललिता टांक, समर्थ सांगवान, प्रदीप बाजिया, अमित सैनी व जिला प्रवक्ता रमेश चुघ सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।