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1002 मकान मालिकों पर आने वाली 350 करोड़ की इन्हांसमेंट टली

Fri, 28 Aug 2015 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
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सेक्टर 9-11 के फैसले के बाद वीरवार को हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा हुआ सेक्टर 15 के इन्हांसमेंट का 36 साल पुराने केस का फैसला सुना दिया है। जस्टिस राजेश बिंदल की कोर्ट ने यह फैसला रेजीडेंट के हक में सुनाया है।
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कोर्ट ने ऑर्डर में कहा है कि सेक्टरवासियों पर केवल 11 रुपये 23 पैसे की 30 साल पुरानी इन्हांसमेंट ही बनती है। बाकी रेजीडेंट पर डाली गई इन्हांसमेंट गलत है। इस फैसले के बाद हुडा अब लेने की नहीं बल्कि अधिक ली गई करोड़ों रुपये की इन्हांसमेंट वापस लौटाने के कटघरे में खड़ा हो गया है।

इतना ही नहीं इस फैसले से लैंड ऑनर भी पूरी तरह से प्रभावित होंगे। हुडा उनसे यह राशि वापस वसूलेगा। हाईकोर्ट के फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि अब सेक्टर 15 के रेजीडेंट को करीब साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये की इन्हांसमेंट नहीं भरनी पड़ेगी। हां उनके द्वारा पहले ही भरी गई अधिक इन्हांसमेंट की राशि भी वापस मिलेगी।
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हाईकोर्ट का फैसला सुनाए जाने के बाद पूरे सेक्टर वासियों व इन्हांसमेंट के खिलाफ लड़ाई लड़ रही ऑल सेक्टर आरडब्ल्यूए में खुशी की लहर है।

अब नहीं भरने होंगे साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये
हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब सेक्टर 15 में रहने वालों को उन पर पड़ने वाली साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये से अधिक की इन्हांसमेंट राशि नहीं भरनी होगी। सेक्टर 15 की आरडब्ल्यूए की मानें तो वर्ष 2012 में यह 300 करोड़ 12 लाख रुपये थी। अब अगर केलकुलेशन करें तो यह साढ़े तीन सौ करोड़ से भी अधिक बनती। मगर हाईकोर्ट के फैसले ने 1002 मकान मालिकों को बड़ी राहत दे दी है।

पूरे दिन बंटती रही मिठाई
इन्हांसमेंट को लेकर हाईकोर्ट के फैसले के बारे में जैसे जैसे पूरे सेक्टर में खबर फैली लोग एक्साइज एंड टैक्ससेशन रिटायर्ड डिप्टी कमिश्नर बलबीर सिंह बूरा के घर एकत्रित हो गये। हर आने वाला सेक्टर वासी अपने साथ मिठाई को डिब्बा लेकर पहुंचता गया। मौजूद लोगों में यह मिठाई बांटते गए और पूरा दिन ऐसा ही चलता रहा।

30 साल पहले लोअर कोर्ट ने किए थे ऑर्डर
सेक्टरवासी और इस संघर्ष में अहम भूमिका निभाने वाले इंजीनियर डॉ. दलीप ने बताया कि 1979 में सेक्टर 15 के लिए लैंड एक्वायर हुई थी।

लैंड ऑनर को 6, 7 और 8 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से रुपये दिये गए थे। वे इसी दौरान कोर्ट में चले गये। वर्ष 1985 में लोअर कोर्ट का फैसला आया जिसमें लैंड ऑनर को 11.23 पैसे के हिसाब से इन्हांसमेंट देने के ऑर्डर हुए। हालांकि हुडा ने रेजीडेंट से 19 रुपये 40 पैसे के हिसाब से 1988 में यह इन्हांसमेंट वसूली थी।

खटाणा परिवार को दी राशि भी हो सकती है ब्याज समेत वापस
आरडब्ल्यूए के सदस्य डॉ. दलीप की मानें तो हाल ही में हुडा ने लैंड ऑनर को कोर्ट के माध्मय से जो 81 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी है।

उसे खटाणा परिवार को वापस लौटानी पड़ेगी। क्योंकि जो राशि कोर्ट के ऑर्डर से हुडा के लैंड एक्विजेशन डिपार्टमेंट ने लैंड ऑनर को की थी उसे देते समय बाउंड किया गया था कि अगर इसके अलावा बाकी अन्य मामलों में इन्हांसमेंट 375 रुपये से कम देने के ऑर्डर होते हैं तो लैंड ऑनर से यह राशि ब्याज समेत वापस जमा करवाई जाएगी। हाईकोर्ट ने खटाणा परिवार के अलावा बचे हुए सात केसों पर भी कंबाइंड फैसला सुनाया है।


हम न्यायपालिका के शुक्रगुजार हैं जिन्होंने सेक्टरवासियों का दर्द समझा है। सेक्टर 15 का फैसला ऐतिहासिक है। सभी सेक्टरवासियों में खुशी की लहर है। हम इस कैंसर रूपी बीमारी को जड़ से खत्म कर ही दम लेंगे। - यशवीर मलिक, ऑल सेक्टर आरडब्ल्यूए प्रधान

कोर्ट ने सेक्टर 9-11 के बाद सेक्टर 15 का भी बड़ा ही सराहनीय फैसला सुनाया है। यह सेक्टरवासियों व संघर्ष समिति की दूसरी बड़ी जीत है। - बीर सिंह बामल, सेक्टर 9-11 आरडब्ल्यूए प्रधान

हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब सेक्टर वासियों के साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये के पड़ने वाले भार से बड़ी राहत मिल गई है। - राम मेहर मलिक, सेक्टर 15 आरडब्ल्यूए प्रधान
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