हुडा प्रशासन ने सेक्टर 15 के जमीन मालिकों के खाते में 81 करोड़ रुपये से अधिक एन्हांसमेंट की राशि जमा करवा दी है। अब इन करोड़ों रुपये का भार सेक्टर 15 में रहने वाले 1002 मकान मालिकों पर पड़ सकता है। हालांकि हुडा की तरफ से किसी भी मकान मालिक को नोटिस नहीं मिला है।
कोर्ट ने इस मामले में हुडा की संपत्ति अटैच की थी। इसके बाद कोर्ट के माध्यम से हुडा ने जिन मालिकों की जमीन पर सेक्टर काटे गए थे उनके खातों में 81 करोड़ 64 लाख रुपये जमा करवाए हैं। यह राशि 365 रुपये प्रति गज के हिसाब से मालिकों को दी गई है। जिसमें से अभी 6 केसों का फैसला आया है।
एन्हांसमेंट मामले को लेकर कुल 23 केस डाले गए थे। 19 का फैसला अभी बाकी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर 365 रुपये प्रति गज के हिसाब से जमीन मालिकों को पेमेंट की जाएगी तो यह राशि 300 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। जब हुडा प्रशासन मालिकों को यह राशि देगा तो एन्हांसमेंट का बोझ प्लॉट धारकों पर डालना तय है।
यूं समझिये मामला
जिन भूमि मालिकों की जमीन पर सेक्टर काटा गया था उनके अनुमान के अनुसार अगर 23 केस का फैसला उनके हक में आता है तो 300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हुडा प्रशासन को चुकानी होगी।
इसके बाद साफ है कि अगर यह राशि हुडा प्रशासन भू मालिकों को चुकाएंगे तो वे प्लॉट धारकों पर (अगर बराबर हिस्से में बांटा जाए तो) एक प्लॉट धारक पर 29 लाख 94 हजार से अधिक की राशि का भार पड़ेगा। वर्तमान में हुडा ने 81.64 करोड़ रुपये जो चुकाए हैं उनका अगर 1002 प्लॉट धारकों में बराबर शेयर करें तो 8 लाख 14 हजार रुपये प्रति प्लॉट धारक से वसूला जाएगा।
10 हजार रुपये प्रति गज के हिसाब से पड़ेगा बोझ
एन्हांसमेंट मामले को लेकर एकजुट हुई विभिन्न सेक्टरों की आरडब्ल्यू का आंकलन है कि सेक्टर 15 में इस मामले पर कम से कम 10 हजार रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से एन्हांसमेंट आ सकती है।
हुडा ने 81 करोड़ से अधिक की राशि कोर्ट में जमा करवा दी। एन्हांसमेंट के नोटिस अब प्लॉट धारकों को जाएंगे या नहीं इसके बारे में जानकारी नहीं। यह काम एस्टेट ऑफिस करता है।
- सतीश यादव, लैंड एक्वीजेशन कंट्रोलर, हुडा
पार्ट पेमेंट हैं, नहीं जारी होंगे एन्हांसमेंट नोटिस : गोलू गुज्जर
एडवोकेट एलएन खटाणा उर्फ गोलू गुज्जर का कहना है कि अभी तो 23 में से 6 केस का फैसला आया है। 19 केस अभी बाकी हैं, जिन्होंने अभी तक एक्जीक्यूशन ही दायर नहीं की है।
अभी यह मामला लंबा चलेगा। यह केवल पार्ट पेमेंट है। अगर यह केस हमारे खिलाफ आता है तो हमारे ऊपर 15 प्रतिशत की पेनल्टी भी पड़ सकती है।
किसी के पास कोई नोटिस नहीं आया है, अगर नोटिस ही नहीं आया तो एन्हांसमेंट कहां से आएगा। आरडब्ल्यू वालों का यह एक प्रोपगेंडा है। पार्ट पेमेंट हुई है और प्लॉट धारकों को नोटिस कैसे भेज सकते हैं क्या अगर दूसरे केसों में भी अगर हुडा को पेमेंट करनी पड़ी तो वे प्लॉट धारकों को दोबारा नोटिस देंगे।