वियतनाम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल मेडिकल कॉलेज अग्रोहा के न्यूरोसर्जन डॉ. इशू।
अग्रोहा। वियतनाम के द नांग शहर में 6 से 8 नवंबर तक आयोजित 24वें वियतनामी न्यूरोसर्जरी सम्मेलन और 9वें इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ मिनिमली इनवेसिव न्यूरोसर्जरी कांग्रेस में भारत के लिए गौरव का क्षण रहा। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के न्यूरोसर्जन डॉ. इशु बिश्नोई ने इस वैश्विक मंच पर रप्चर एंटीरियर सर्कुलेशन एन्यूरिज़्म क्लिपिंग विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत कर देश का नाम रोशन किया।
यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन न्यूरोसर्जरी के नवीन शोध, उन्नत तकनीकों और जटिल मस्तिष्क रोगों के उपचार पर होने वाली चर्चाओं का प्रमुख केंद्र माना जाता है। डॉ. बिश्नोई की सहभागिता ने भारतीय न्यूरोसर्जरी की वैश्विक प्रतिष्ठा को मजबूती दी है।
अपने संबोधन में उन्होंने फटे हुए (रप्चर) एन्यूरिज्म के उपचार में मिनी क्रैनियोटॉमी जैसी न्यूनतम आक्रामक तकनीक की उपयोगिता और सफलता पर विस्तार से जानकारी दी। माइक्रोस्कोपिक तकनीक और आधुनिक सर्जिकल उपकरणों की मदद से सीमित खुलावट वाली यह प्रक्रिया सुरक्षित और बेहतर परिणाम देने में सक्षम है।
उन्होंने ऑपरेशन के दौरान संभावित रक्तस्राव सहित अन्य जटिल स्थितियों से निपटने के व्यावहारिक तरीकों पर भी प्रकाश डाला, जिन्हें विश्वभर के न्यूरोसर्जनों ने सराहा। सम्मेलन समिति ने उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें सम्मान पत्र प्रदान किया। इस उपलब्धि पर महाविद्यालय निदेशक डॉ. अलका छाबड़ा, प्रशासनिक निदेशक डॉ. आशुतोष शर्मा, एमएस डॉ. राजीव चौहान सहित पूरे कॉलेज परिवार ने डॉ. इशु बिश्नोई को बधाई दी।