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टेंडर में बरसाती नालों, खाली प्लॉट की सफाई-झाड़ियों की कटाई का जिम्मा पर ठेकेदार ने आज तक नहीं किया कोई काम

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हिसार। शहर में सफाई व्यवस्था के नाम पर गोलमाल हो रहा है। नगर निगम की तरफ से शहर की कुछ कॉलोनियों और सेक्टरों में सफाई का कार्य ठेके पर करवाया जा रहा है, लेकिन ठेकेदार टेंडर की शर्तों के अनुसार काम नहीं कर रहा है। वहीं निगम प्रशासन भी सख्ती के मूड में नहीं है।
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टेंडर की शर्तों के अनुसार ठेकेदार को बरसाती नालों, खाली पड़े निजी प्लॉटों, सड़कों की सफाई से लेकर झाड़ियों की कटाई का काम करना है। काम के लिए ठेका दिए करीब आठ माह का समय बीत चुका है, लेकिन आज तक ठेकेदार ने कोई काम नहीं किया है। ठेकेदार सिर्फ सड़कों पर झाड़ू लगाकर ही वह निगम से प्रति माह करीब 11 लाख रुपये वसूल रहा है। यही नहीं इन क्षेत्रों में घरों से कूड़ा उठाने की एवज में निगम द्वारा लिया जाने वाला यूजर चार्ज भी ठेकेदार की जेब में ही जा रहा है। यह राशि भी लाखों में बनती है।
बता दें कि नगर निगम ने शहर के कुछ एरिया की सफाई व्यवस्था को ठेके पर दिया हुआ है। यह टेंडर पिछले वर्ष नवंबर में किया गया था। शुरुआत में ठेकेदार को जो एरिया दिया गया था, उसमें दो दर्जन से ज्यादा कॉलोनियां थीं। इसकी एवज में निगम ठेकेदार को 17 लाख रुपये प्रति माह के हिसाब से भुगतान कर रहा था। मगर ठेकेदार यह एरिया संभाल नहीं पाया और निगम के पास इन क्षेत्रो से सफाई को लेकर शिकायतें भी आईं। इस पर निगम ने ठेकेदार का एरिया कम कर दिया, जिसमें अब करीब दर्जन भर कॉलोनियों की जिम्मेदारी उस पर है। अब निगम की तरफ से ठेकेदार को प्रति माह करीब 11 लाख रुपये भुगतान किया जा रहा है।
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पहले यह एरिया था ठेकेदार के पास
अर्बन एस्टेट टू, एमसी कॉलोनी, डीसी कॉलोनी, गोविंद नगर, दुर्गा कॉलोनी, सेक्टर 13, सेक्टर 16-17, पीएलए, बैंक कॉलोनी, ढाणी जयदेव, कृष्णा नगर, छोटूराम कॉलोनी, ऑफिसर कॉलोनी, फ्रेंडस कॉलोनी, जवाहर नगर, डिफेंस कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, बीएंडआर कॉलोनी, सेक्टर-15, ग्रीन पार्क, हेतराम कॉलोनी, इरीगेशन कॉलोनी, बीएंडआर रेस्ट हाउस, प्रेम नगर, प्रीति नगर, प्रोफेसर कॉलोनी, अग्रसेन कॉलोनी, विद्या नगर, ढाणी सोरगान।
अब इन इलाकों की है जिम्मेदार
अर्बन एस्टेट-टू, एमसी कॉलोनी, डीसी कॉलोनी, गोविंद नगर, दुर्गा कॉलोनी, सेक्टर 13, सेक्टर 16-17, पीएलए, बैंक कॉलोनी, ढाणी जयदेव, कृष्णा नगर, छोटू राम कॉलोनी।
यह हैं टेंडर की शर्त
- नियमित रूप से सड़कों की सफाई
- स्ट्रॉम वाटर ड्रेनेज की सफाई
- कूड़े का उठान (मलबे सहित)
- कूड़ा-सॉलिड वेस्ट एकत्रित करना
- झाड़ियों की कटाई करना
- सार्वजनिक जगहों की सफाई करना
- खाली पड़े निजी प्लॉट की सफाई करना
- खाली जगहों की सफाई करना
सिर्फ कागजों में कर्मचारी होने के लगते रहे हैं आरोप
सफाई ठेकेदार पर सिर्फ कागजों में ही कर्मचारी लगाने का आरोप है। इसके बावजूद निगम प्रशासन की तरफ से इस बारे में कोई जांच नहीं की गई। हालांकि एक-दो बार सफाई व्यवस्था दुरुस्त न मिलने पर उक्त ठेकेदार पर जुर्माना जरूर किया गया है। राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा की तरफ से ठेकेदार के खिलाफ शिकायत की जा चुकी है। इसके अलावा हाउस की बैठक में सीनियर डिप्टी मेयर अनिल सैनी ने आरोप लगाया था कि वर्क ऑर्डर के बाद उक्त ठेकेदार से सिक्योरिटी राशि जमा नहीं करवाई गई और न ही एग्रीमेंट किया गया। इसके लिए जिम्मेदार पर कार्रवाई भी की जानी चाहिए।
आरटीआई से मांगी जानकारी न देने का आरोप
उक्त ठेकेदार के खिलाफ आरटीआई के तहत भी सूचना मांगी जा चुकी है। आरोप है कि निगम की सफाई शाखा की तरफ से आरटीआई कार्यकर्ता को सूचना ही उपलब्ध नहीं करवाई गई है। आरटीआई कार्यकर्ता की मानें तो उसकी तरफ से सूचना मांगी गई है कि खाली प्लॉट की सफाई को लेकर टेंडर में क्या शर्त है। कितना जुर्माना अभी तक ठेकेदार पर किया गया है। ठेकेदार की तरफ से कितनी सिक्योरिटी राशि निगम में जमा करवाई गई है।
सेक्टर में बरसाती नाला है, लेकिन सफाई ठेकेदार की तरफ से कभी इसकी सफाई नहीं करवाई गई। सफाईकर्मी कभी भी खाली प्लॉट से कचरा नहीं उठाते।
- अमर लाल बूरा, प्रधान, आरडब्ल्यूए, सेक्टर-13
पीएलए में खाली प्लॉट की सफाई तो दूर की बात, सड़कों की सफाई ठीक ढंग से नहीं की जाती है। निगम भी थोड़ा बहुत जुर्माना लगाकर अपनी ड्यूटी पूरी कर लेता है।
- सतपाल ठाकुर, प्रधान, आरडब्ल्यूए, पीएलए
टेंडर की शर्तों में साफ-साफ लिखा हुआ है कि ठेकेदार को खाली पड़े निजी प्लॉट, बरसाती नाले की सफाई करनी होगी, मगर आज तक एक बार भी सफाई नहीं हुई। मेरी तरफ से निगम में आरटीआई भी लगाई गई है, लेकिन आज तक अधिकारियों ने उसका जवाब नहीं दिया। - एडवोकेट अनिल जलंधरा, कानूनी सलाहकार, आरडब्ल्यूए सेक्टर 16-17
इस कंपनी की काफी शिकायतें मिली हैं। निगम प्रशासन से यही सिफारिश की जाएगी कि इसका टाइम पीरियड आगे न बढ़ाया जाए और साथ ही इसे ब्लैक लिस्ट किया जाए। - अनिल सैनी, सीनियर डिप्टी मेयर
खाली प्लॉट की सफाई करना व बरसाती नालों की सफाई करना ये दोनों शर्त सफाई ठेकेदार के साथ किए गए एग्रीमेंट में शामिल है। जहां से भी शिकायत मिलती है, वहां सफाई करवाई करवा जाती है। हालांकि सेक्टरों में जो खाली प्लॉट पड़े हैं, उनकी सफाई का जिम्मा एचएसवीपी के पास है, क्योंकि उन प्लॉट पर मकान न बनाने की एवज में विभाग प्लॉटधारकों से जुर्माना राशि वसूलता है। - सुभाष सैनी, सीएसआई, नगर निगम
कूड़ा उठाने के लिए आई हाथ रेहड़ियां निगम में फांक रहीं धूल
हिसार। नगर निगम कार्यालय परिसर में कूड़ा उठाने के लिए आई दो दर्जन से ज्यादा हाथ रेहड़ियां एक माह से धूल फांक रही हैं। उधर, कुछ पार्षद निगम प्रशासन से हाथ रेहड़ी उपलब्ध करवाने की मांग कर रहे हैं ताकि उनके वार्ड में सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो सके।
निगम प्रशासन की तरफ से इन रेहड़ियों को वार्डों में वितरित नहीं किया जा रहा है। करीब दस दिन पहले और हाथ रेहड़ियां भी निगम में आई हैं, लेकिन इन्हें भी सफाई कर्मचारियों को देने की बजाय निगम कार्यालय में खड़ा कर दिया गया है। उधर, सफाई कर्मचारी टूटी-फूटी रेहड़ियों से काम चला रहे हैं। हाउस की बैठक में कई पार्षदों ने हाथ रेहड़ियां कर्मचारियों को उपलब्ध कराने की मांग की थी।
मैंने हाउस की बैठक में हाथ रेहड़ियां देने की मांग रखी थी, लेकिन आज तक मेरे वार्ड को यह रेहड़ियां उपलब्ध नहीं कराई गईं। - मनोहर लाल, पार्षद, वार्ड-7
सफाई कर्मचारियों के पास हाथ रेहड़ियां काफी कम हैं, जो हैं वो टूटी हुई हैं। निगम प्रशासन को जल्द से जल्द ये हाथ रेहड़ियां सफाई कर्मचारियों को दे देनी चाहिए। - पवन पावा, प्रधान, नगरपालिका कर्मचारी संघ हिसार इकाई
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