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आखिरी बार फोन कर मुस्कान बोली - पापा! यहां बहुत ज्यादा आग लग गई और कट गया फोन

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in last call muskan said to his father there was a lot of fire and phone got disconnected - फोटो : Hisar
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चंडीगढ़ स्थित पीजी में आग की घटना में जलने से पहले आदर्श नगर निवासी एडवोकेट राजीव महता की बेटी मुस्कान ने आखिरी बार अपने पापा से फोन पर बात की थी। वह सिर्फ इतने ही शब्द बोल पाई थी कि पापा! यहां बहुत ज्यादा आग लग गई है। उसके पीछे से तेज आवाज आ रही थी कि गीला कंबल लाओ। इतनी ही देर में फोन कट गया और कुछ देर बाद मुस्कान के इस दुनिया से चले जाने की खबर परिवार तक पहुंची।
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हादसे से टूट चुके पिता राजीव महता तो कुछ बोलने को तैयार नहीं थे, लेकिन यह सारी बातें मुस्कान के छोटे भाई युवराज ने अमर उजाला टीम को बताई। हादसे की सूचना पाकर महता परिवार के जानकार और पड़ोसी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने में लगे रहे।
प्रतिस्पर्धाओं में रहती थी अव्वल
मुस्कान के भाई युवराज ने बताया कि मुस्कान चंडीगढ़ के एसडी कॉलेज में एमकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा थी। इससे पहले उसने चंडीगढ़ के ही गुरु नानक देव कॉलेज से बीकॉम की थी। वह सभी तरह की प्रतिस्पर्धाओं में अव्वल रहती थी। जो भी आसपास में गलत होता था, उस पर प्रतिक्रिया देना उसका स्वभाव था। इसके लिए वह सोशल मीडिया का सहारा लेती थी। फेसबुक हो या व्हाट्सएप पर वह खुलकर तर्क रखती थी। यही कारण है कि गुरुनानक देव कॉलेज में बीकॉम फाइनल वर्ष में उसने निर्दलीय चुनाव लड़ा और भारी मतों से जीतकर कॉलेज की प्रधान बनी थीं।
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भाई बोला - चंडीगढ़ आना-जाना लगा रहता है, इसलिए चार साल पहले भेजा पढ़ने
युवराज ने बताया कि सिद्धार्थ इंटरनेशनल स्कूल से पढ़ाई पूरी होने के बाद मुस्कान को बीकॉम में दाखिला दिलाने के लिए परिवार उलझन में था कि दिल्ली भेजें या चंडीगढ़। फिर चंडीगढ़ का फैसला लिया, क्योंकि यहां पारिवारिक सदस्यों का आना-जाना लगा रहता है। युवराज ने बताया कि उनके चाचा दिनेश महता भी चंडीगढ़ में ही रहते हैं। बीकॉम करते समय मुस्कान हॉस्टल में ही रही थी। अब एमकॉम में दाखिला होने के बाद ही उसे पीजी में शिफ्ट करवाया था।
आखिरी बार लोहड़ी पर घर आई थी मुस्कान
युवराज ने बताया कि आखिरी बार मुस्कान एक महीना 10 दिन पहले लोहड़ी पर घर आई थी। युवराज खुद भी चंडीगढ़ के ही खालसा कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है और वहां पीजी में ही रहता है। उसे रविवार को ही वापस जाना था, क्योंकि सोमवार से कक्षाएं शुरू होनी हैं। इससे पहले ही यह दुखद सूचना आ गई।
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