हिसार। जुलाई में शहर में सामान्य से 17 प्रतिशत ज्यादा व जिले में सामान्य से 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। इस माह में शहर में 125.2 एमएम पानी बरसा, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 106.4 एमएम है। वहीं जिले में इस अवधि में 94.2 एमएम बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 106.5 एमएम है। वहीं तीन साल बाद शहर में इस माह में 200 एमएम से कम बारिश दर्ज की गई है।
बता दें कि इससे पहले जून माह में सामान्य से 57 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, जबकि इस बार मानसून अपने निर्धारित समय से पहले आ गया था। हालांकि मानसून के आने से पहले मई माह में शहर में 82.6 एमएम बारिश हुई थी। अगर पिछले वर्षों के इस माह के बारिश के आंकड़ों पर नजर डाले तों इस बार पिछले तीन वर्षों के मुकाबले कम बारिश हुई है। पिछले तीन वर्षों में शहर में 200 एमएम से ज्यादा पानी बरसा था।
13 सालों में जुलाई माह में शहर में बारिश का आंकड़ा
वर्ष बारिश एमएम में
2023-125.2
2022-246.7
2021-265.0
2020-213.7
2019-146.9
2018-103.8
2017-65.3
2016-241.2
2015-127.2
2014-113.2
2013-133.5
2012-33.0
2011-59.6
आगे ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि प्रदेश में एक-दो दिनों में बारिश में कमी देखने को मिलेगी, क्योंकि मानसून टर्फ रेखा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तरी हो गई है। हालांकि वर्तमान में सम्पूर्ण इलाके में नमी प्रचुर मात्रा में होने की वजह से हिट क्लाउड बन रहे हैं, जिसकी वजह से छोटे छोटे हिस्सों में हल्की बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया जा रहा है। फिलहाल बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो चुका है। अगले 24 घंटों में यह मौसम प्रणाली और मजबूत हो कर अत्याधिक कम दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। इसके असर से मानसून आने वाले 24 से 48 घंटों में एक बार फिर से सक्रिय होने से की संभावना बन रही है। इस वजह से हरियाणा के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में 2 से 7 अगस्त के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और पश्चिमी हिस्सों में बिखराव वाली हल्की बारिश की गतिविधियों की संभावना बन रही है।