गांव ढंढूर में बनाए गए नगर निगम के गो अभयारण्य से ज्यादा बुरे हालात उसी के सामने बनी नंदीशाला में भी हो चुके हैं। देखरेख के अभाव में हर रोज नंदीशाला में भी नंदियों की मौत हो रही है। कुछ नंदी तो ऐसे भी सामने आए हैं, जिनकी पूंछ तक को कुत्ते नोच गए। अभी भी नंदीशाला में लावारिस हालत में नंदी पड़े हुए हैं, जिनको न तो पर्याप्त चारा मिल रहा है और न ही बेहतर इलाज। शेड के नीचे खड़े नंदियों को कंपकंपाती ठंड से बचाने के लिए पूरे परदे भी नहीं हैं। सिर्फ शेड के एक तरफ परदे हैं, जबकि दूसरी तरफ से ठंडी हवा आ रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले गो अभयारण्य में 529 गायों की मौत को खुद नगर निगम प्रशासन स्वीकार कर चुका है। कई गायों की मौत गो अभयारण्य में बेहतर प्रबंधन नहीं होने के कारण हुई है तो कई गायें पॉलिथीन के कारण मरी थीं। इसके बाद गो सेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला ने भी गो अभयारण्य का दौरा किया था।
नंदीशाला में 1500 से ज्यादा रखे गए थे नंदी
शहर में पशु पकड़ो अभियान के दौरान गायों के साथ नंदियों को भी पकड़ा गया था। एक टीम गायों को पकड़ने में जुटी थी, जबकि दूसरी टीम का काम नंदी पकड़ना था। सूत्रों की मानें तो नंदीशाला में 1500 से अधिक नंदियों को रखा गया था। मगर नंदियों की देखभाल के नाम पर कोई बेहतर प्रबंध नहीं किए गए हैं। नंदियों के खाने के लिए जो खोर बनाई गई है, उसमें सिर्फ तूड़ी ही डाली जा रही है।
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वीडियो में हुआ खुलासा
सोशल मीडिया पर सोमवार को नंदीशाला की एक वीडियो जारी हुई है। इसमें रविवार 19 जनवरी को कुछ युवकों ने नंदीशाला का दौरा किया है। वीडियो में दिखाया गया है कि कई नंदी बीमार व लाचार अवस्था में पड़े हैं। कोई चोटिल हो चुका है तो कोई तड़पते हुए अंतिम सांसें गिन रहा है। दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि मरने की स्थिति पर पहुंच चुके नंदी अन्य नंदियों के बीच में ही पड़े हुए हैं, उन्हें उठाकर दूसरी तरफ भी नहीं किया जा रहा है।
गो अभयारण्य में एंट्री बैन करने की तैयारी में निगम
वहीं, गायों की मौत के मामले में पूरे शहर में बदनामी झेल रहे नगर निगम प्रशासन ने गो अभयारण्य में आम लोगों की एंट्री बैन करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में एक नोटिस तैयार किया गया है, जिसमें लिखा गया है कि गो अभयारण्य में एंट्री करने से पहले निगम प्रशासन की अनुमति लेनी होगी। कोई भी व्यक्ति गो अभयारण्य में वीडियो नहीं बना सकेगा और न ही फोटो खींच सकेगा। इस नोटिस के नीचे आदेशानुसार निगम आयुक्त लिखा है, लेकिन अभी तक इस तरह का नोटिस गो अभयारण्य के गेट पर चस्पा नहीं किया गया है।
अधिकारियों ने मीडिया से बनाई दूरी
गो अभयारण्य के मामले में हाशिये पर आ चुके निगम के अधिकारी मीडिया से दूरी बनाने लगे हैं।
वर्जन
गो अभयारण्य और नंदीशाला के प्रति हर किसी को नैतिक जिम्मेदारी समझनी होगी। फोटो सेशन के बजाय सही मायनों में काम होना चाहिए। अगर कहीं प्रबंधों में कमी है तो निगम प्रशासन शहरवासियों का सहयोग लें।
- पंकज दीवान, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड नंबर 3
वर्जन
नंदीशाला में नंदियों की दुर्दशा से संबंधित सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो मैंने भी देखा है। मंगलवार को नंदीशाला में जाकर हालात देखेंगे, उसके बाद ही कुछ कह पाना सही होगा।
- अमित ग्रोवर, पार्षद, वार्ड नंबर 14
वर्जन
वीडियो का मामला सामने आया है। सुबह अधिकारियों को भेजकर नंदीशाला में जांच करवाएंगे। जो भी सुधार के प्रयास करने होंगे, वह किए जाएंगे।
- गौतम सरदाना, मेयर, नगर निगम