हिसार। जिले में लिंगानुपात सुधार की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। जुलाई 2026 में जिले का लिंगानुपात बढ़कर 947 तक पहुंच गया है। जनवरी माह की तुलना में इसमें 130 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे पहले वर्ष 2026 में केवल मार्च माह में ही इससे अधिक 988 लिंगानुपात दर्ज किया गया था।
मंगलवार को उपायुक्त महेंद्र पाल की अध्यक्षता में मंगलवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित जिला टास्क फोर्स की बैठक में जनवरी से जुलाई 2026 तक के जन्म पंजीकरण आंकड़ों की समीक्षा की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार जनवरी में जिले का लिंगानुपात 817, फरवरी में 848, मार्च में 988, अप्रैल में 938, मई में 938, जून में 871 और जुलाई में 947 रहा।
जुलाई में जिले में कुल 2,740 जन्म दर्ज किए गए जिनमें 1,407 बालक और 1,333 बालिकाएं शामिल हैं। जनवरी से जुलाई 2026 तक कुल 18,273 जन्म दर्ज हुए जिनमें 9,605 बालक और 8,668 बालिकाएं शामिल हैं। इस अवधि में जिले का लिंगानुपात 902 रहा।
अधिकारियों ने बताया कि फरवरी से जून 2026 तक जिले का औसत सीआरएस लिंगानुपात 914 रहा जो फरवरी से जुलाई तक बढ़कर 920 हो गया है। बैठक में भ्रूण हत्या रोकने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों की नियमित निगरानी, अल्ट्रासाउंड केंद्रों के निरीक्षण, जन्म पंजीकरण की सतत समीक्षा और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि यह सुधार पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी पालन और जन-जागरूकता अभियानों का परिणाम है। उन्होंने लोगों से बेटियों के सम्मान और संरक्षण में सहयोग करने की अपील की। इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल, बरवाला एसडीएम अश्वीर नैन, सीएमजीजीए अनमोल, नगराधीश रोहित कुमार, एएसपी मयंक मुदगिल, जिला परिषद सीईओ सुभाष चंद्र सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
98 मेडिकल स्टोर की जांच, 16 के लाइसेंस निलंबित
हिसार। उपायुक्त महेंद्र पाल ने मंगलवार को जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि नशा तस्करों के विरुद्ध केवल एफआईआर दर्ज करना पर्याप्त नहीं है बल्कि उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को भी अटैच किया जाए।
जिला औषधि नियंत्रक ने बैठक में बताया कि गत माह 98 मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर 16 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
पुलिस विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जुलाई माह जिले में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 28 मामले दर्ज किए गए। दो मामले कॉमर्शियल क्वांटिटी से जुड़े हैं। एनडीपीएस मामलों में नामजद आठ आरोपियों की संपत्तियां अटैच करने की कार्रवाई भी की गई है। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि नशा तस्करों के आर्थिक तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई की जाए। ब्यूरो