हिसार। गुरुकुल आर्यनगर के वार्षिक महोत्सव के दूसरे दिन वीरवार को हवन से शुरुआत हुई। प्रवचन के दौरान हवन-यज्ञ का महत्व समझाया गया। आचार्य पंडित शिव कुमार शास्त्री के ब्रह्मत्व में गुरुकुल आर्यनगर के ब्रह्मचारियों द्वारा वेद पाठ किया गया। आचार्य शिवकुमार शास्त्री ने कहा कि यज्ञ केवल अग्नि प्रज्वलित करना और पूजा-पाठ ही नहीं है अपितु प्रयोगात्मक जीवन जीने का नाम यज्ञ है। यज्ञ एक वैज्ञानिक विधि द्वारा मानक का निर्माण करने की विधि है। साथ-साथ महर्षि दयानंद के विचारों को भी पूर्ण रूप से वैज्ञानिक विधि से प्रस्तुत किया गया।
गुरुकुल के महामंत्री एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने बताया कि इस अवसर पर गजराज, सज्जन कुमार, योगेश कुमार, मांगेराम, विकास बिश्नोई, सत्यप्रकाश आर्य व अजय बिश्नोई सहित कई गणमान्य लोग यजमान बने। उन्होंने बताया कि 25 अक्तूबर को प्रात: यज्ञोपरांत गुरुकुल आर्यनगर के प्रधान व पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके उपरांत विधिवत रूप से प्रात:कालीन व दोपहर के सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रात:कालीन सत्र में जगदीश जिंदल मुख्यातिथि होंगे। उद्योगपति व गुरुकुल आर्यनगर के संरक्षक जगदीश प्रसाद गुरेरा अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान आर्यनगर के सरपंच रतन सिंह टाक, जिला पार्षद प्रतिनिधि मनोज टाक माही, कविता रानी, जीत सिंह डांगी व एडवोकेट सुभाष खिचड़ विशिष्ट अतिथि होंगे। दोपहर के सत्र में एचएयू के कुलपति प्रो. बीआर कंबोज मुख्यातिथि होंगे। इस दौरान एसडीई रणसिंह, प्रमुख समाजसेवी भगत सिंह राजोरिया, डीईओ प्रदीप नरवाल, एसई बिमल कुमार बिश्नोई व एसई अजीत सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
उन्होंने बताया कि 27 अक्तूबर तक चलने वाले महोत्सव में यज्ञ, प्रवचन, वेद प्रचार सम्मेलन, ऋषि लंगर व शांति पाठ का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही गुरुकुल के विद्यार्थियों द्वारा मनोरम व्यायाम प्रदर्शन किया जाएगा।
महोत्सव में अलग-अलग दिन पूर्व सांसद व गुरुकुल के प्रधान स्वामी सुमेधानंद सरस्वती, कार्यकारी प्रधान रामकुमार आर्य, न्यास प्रधान सेठ रामरिछपाल आर्य, संरक्षक सेठ जगदीश प्रसाद आर्य, राजकुमार आर्य, राजेंद्र गावडि़या, चंद्राराम गुरी, उपप्रधान सुभाष एडवोकेट, प्रबंधक कर्नल ओमप्रकाश एडवोकेट, उपमंत्री रामफल वर्मा, मुख्याधिष्ठाता इंद्रद्रेव शास्त्री, मानद कुलपति आचार्य पं. रामस्वरूप शास्त्री, मानसिंह पाठक, ब्र. दीपकुमार आर्य, प्राचार्य सुरेश कुमार शास्त्री व अधिष्ठाता रमेश कुमार शास्त्री सहित समस्त शिक्षक व ब्रह्मचारीगण उपस्थित रहेंगे।