हिसार। महिलाओं को एक बार फिर पिंक बसों में सुरक्षित सफर की सुविधा मिलने जा रही है। अमर उजाला ने हिसार डिपो की 9 पिंक बसों में से 6 के खराब हालत में रोडवेज वर्कशॉप में खड़े होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद रोडवेज विभाग हरकत में आया है। विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कंडम हालत में खड़ी पिंक बसों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। मरम्मत के बाद इन बसों को फिर से सड़कों पर उतारा जाएगा, ताकि महिलाएं सुरक्षित और सहज यात्रा कर सकें।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2020 में हिसार डिपो को महिलाओं के लिए 9 पिंक बसें उपलब्ध कराई थीं। रोडवेज विभाग ने इन बसों को विभिन्न रूटों पर महिला यात्रियों के लिए चलाया था। इन बसों की मरम्मत का पांच साल का टेंडर आईसर कंपनी को दिया गया था। टेंडर की अवधि पूरी होने के बाद कंपनी ने मरम्मत कार्य से हाथ खींच लिया, जिसके चलते बसें कंडम हालत में हिसार डिपो की वर्कशॉप में खड़ी कर दी गई थीं।
अब विभाग ने दोबारा इन बसों की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है। बसों के कई स्पेयर पार्ट्स खराब पाए गए हैं, जिन्हें बाहर से मंगवाया गया है। मरम्मत पूरी होते ही बसों को फिर से स्कूल, कॉलेज और अन्य रूटों पर चलाया जाएगा।
कुछ बसों की कमानी मिली टूटी
मरम्मत के दौरान तीन बसों की कमानी टूटी हुई मिली है। इसके लिए नई कमानी मंगवाई गई है। कमानी लगने के बाद बसें पूरी तरह दुरुस्त हो जाएंगी। इसके अलावा अन्य बसों में भी तकनीकी खामियां पाई गई हैं, जिन्हें ठीक किया जा रहा है।
महिलाओं के लिए पिंक बसें पहले की तरह चलाई जानी चाहिए। पिंक बसें केवल महिला यात्रियों के लिए थीं और इनमें सफर करते समय महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करती थीं।
- सरिता देवी
पिंक बसें नौकरी पर जाने वाली महिलाओं के लिए काफी सुरक्षित थीं। इन्हें फिर से चलाया जाना चाहिए। लंबे समय से महिलाएं इन बसों के संचालन की मांग कर रही हैं।
- ललिता देवी।
छात्राओं ने की पिंक बसें जल्द चलाने की मांग
छात्र नेता विकास ने कहा कि पिंक बसों को दोबारा चलाने की मांग कई बार की जा चुकी है। अब फिर से मांग उठाई गई है, ताकि छात्राओं को स्कूल और कॉलेज आने-जाने में सुरक्षित परिवहन मिल सके।
जल्द चलाई जाएंगी पिंक बसें
रोडवेज डिपो के डीआई श्रवण कुमार ने बताया कि सभी पिंक बसों की मरम्मत की जा रही है। लंबे समय से खड़ी रहने के कारण बसों की हालत खराब हो गई थी। करीब 15 दिन में मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद बसों को पहले की तरह अलग-अलग रूटों पर चलाया जाएगा।
बसें ठीक होने के बाद पिंक बसों के रूट नए सिरे से तय किए जाएंगे। महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन्हें फिर से सड़कों पर उतारा जाएगा। विभाग इस दिशा में गंभीरता से काम कर रहा है।
- रघुवीर सिंह, एसएस, रोडवेज डिपो हिसार।