नीलगाय के शिकार के बाद आरोपियों की तलाश में जुटी टीम।
हिसार। सिरसा रोड स्थित गांव ठसका और केंद्रीय बीज फार्म (सीएसएफ) की सीमा पर शुक्रवार को तारबाड़ में तार का फंदा लगाकर नीलगाय के शिकार का मामला सामने आया है। गोपुत्र सेना ने वीडियो साक्ष्य सार्वजनिक किए हैं। वन्यजीव संरक्षण विभाग ने इस मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
वन्यजीव रक्षक कृष्ण कुमार और मनजीत मौके पर पहुंचे और अपराध में प्रयुक्त चाकू, मांस और नीलगाय के अवशेष जुटाकर पोस्टमार्टम कराया। समाजसेवी संजय ठसका ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद सदर थाने की टीम ने एक आरोपी को हिरासत में लिया। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गांव ठसका के सरपंच अजमेर फौजी से मदद मांगी।
गोपुत्र सेना के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री सुनील क्रांतिकारी ने आरोप लगाया कि फार्म में तैनात चौकीदार ही वन्यजीवों के शिकार में शामिल हैं। सीएसएफ परिसर में लंबे समय से नीलगायों का अवैध शिकार किया जा रहा है।
कार्रवाई के लिए दी शिकायत, दावा-सुरक्षा प्रभारी का तबादला
गोपुत्र सेना ने राष्ट्रीय बीज निगम (एसएससी) के सीएमडी, वन्यजीव विभाग और एसपी कार्यालय को शिकायत भेजी। शनिवार को संस्था का प्रतिनिधिमंडल सीएसएफ निदेशक अवधेश कृष्णा से मिला और वीडियो साक्ष्यों के माध्यम से घटना की जानकारी दी। गोपुत्र सेना के जिलाध्यक्ष मोहित किरोड़ी ने बताया कि फंदों में न केवल नीलगाय बल्कि खरगोश भी फंस सकते हैं। आरोप है कि पकड़े गए जानवरों का मांस खाया और हड्डियां तथा चमड़ा बेचा जाता है। शिकायत के बाद सुरक्षा प्रभारी का तबादला चंडीगढ़ कर दिया गया है।
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यह कृत्य वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं का खुला उल्लंघन है। विभागीय कर्मचारियों के माध्यम से क्षति रिपोर्ट (डीआर) मिली है। एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस आधार पर सबूत जुटाकर आरोपियों की तलाश की जा रही है। घटनास्थल के आसपास के सरकारी परिसर प्रभारियों को भी पत्र भेजकर वन्यजीव संरक्षण और अपराध नियंत्रण के लिए सहयोग मांगा जाएगा।
- दिनेश जांगड़ा, वन्यजीव निरीक्षक, हिसार।