हिसार। साउथ बाईपास पर बिना अनुमति बनाए ब्रेकर के कारण सातरोड खास निवासी 22 वर्षीय विकास की जान चली गई। अवरोधक से उछलने के कारण बाइक का संतुलन बिगड़ गया और सड़क किनारे पड़े पत्थरों से सिर टकराने से विकास मौत हो गई। रातभर युवक सड़क किनारे पड़ा रहा, किसी ने उसकी सुध नहीं ली। रविवार सुबह घटना का पता चला। सूचना के बाद परिजनों और आजाद नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक के पिता सुरेश के बयान पर अवैध रूप से अवरोधक बनाने वाले गंगवा गांव निवासी डॉ. महेंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।
करीब सवा महीने पहले हुई थी शादी
सातरोड़ गांव के रहने वाले विशाल ने बताया कि भाई विकास साउथ बाईपास पर पेट्रोल पंप पर काम करता था। सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक उसकी ड्यूटी थी। शनिवार रात को ड्यूटी देने वाला कर्मचारी न आने के कारण वह रात को ड्यूटी करने लगा। रात 10 बजकर 58 मिनट पर वह अन्य कर्मचारियों को दूध लाने की बात कहकर पंप से निकला था। इसके बाद नहीं लौटा और न ही पंप पर काम करने वालों ने उसकी तलाश की और न ही परिवार वालों को बताया। सुबह एक कर्मचारी ने फोन कर कहा कि विकास कहा है तो उसने पिता ने कहा कि वह ड्यूटी पर है। कल से घर ही नहीं आया। सुबह साढ़े सात बजे विकास के फोन पर कॉल की तो पुलिसकर्मी ने बताया कि उसका शव साउथ बाईपास पर सड़क किनारे पड़ा है। विशाल ने बताया कि भाई विकास की शादी 13 मई को आजाद नगर की रहने वाली तनु से हुई थी।
अवरोधक के कारण गई बेटे की जान
पुलिस को दिए गए बयान में सातरोड खास निवासी सुरेश ने बताया कि घटना का पता चलने पर परिवार के सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचा। वहां जाने के बाद पता चला कि गंगवा गांव निवासी डॉ. महेंद्र साउथ बाईपास पर निर्माण कार्य करवा रहा है। निर्माण कार्य के चलते उसने साउथ बाईपास पर अवैध रूप से अवरोधक बनाया हुआ है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने के बाद पता चला कि अवैध रूप से बनाए गए अवरोधक से बाइक उछलने के कारण हादसा हुआ है। विकास की मौत का जिम्मेवार डॉ. महेंद्र है।
मृतक के पिता सुरेश के बयान पर गंगवा गांव निवासी डॉ. महेंद्र के खिलाफ अवैध रूप से अवरोधक बनाने और लापरवाही बरतने का केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच कर रहे हैं।
- एसआई फूल कुमार, आजाद नगर पुलिस थाना