हिसार। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन के 19 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता की सोमवार रात करीब 8 बजे मौत हो गई। सदर थाना पुलिस ने एक युवक पर दुष्कर्म और दो निजी अस्पताल के तीन चिकित्सकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। 16 मार्च को परिजनों ने दुष्कर्म के बाद तीन माह की गर्भवती होने पर गर्भपात के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। इस दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। इस दौरान सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी अस्पताल पर छापा मारा था। इसके बाद युवती को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया, जहां उपचार के दौरान मल्टी ऑर्गन फेलियर और फेफड़ों में इंफेक्शन बढ़ने से उसने दम तोड़ दिया।
अग्रोहा मेडिकल कॉलेज की निदेशक डॉ. अलका छाबड़ा ने बताया कि 16 मार्च की शाम 6 बजे गैरकानूनी गर्भपात की शिकार बनी 19 वर्षीय पीड़िता को हिसार नागरिक अस्पताल से अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में गंभीर अवस्था में रेफर किया गया था। पीड़िता सेप्टिक शॉक में थी। उसकी आंतें गुप्त अंगों से बाहर आ रही थी। पीड़िता की बच्चेदानी में भी जख्म थे। मेडिकल कॉलेज आने से पहले ही पीड़िता के शरीर और खून में इन्फेक्शन फैल चुका था। पीड़िता के गुर्दे भी फेल हो गए थे। उसे गुर्दे और डीआईसी यानी खून में इन्फेक्शन की दवाइयां दी गई थी। अग्रोहा मेडिकल में उसकी आंत और बच्चेदानी का ऑपरेशन किया गया। इसके बाद वह वेंटीलेटर पर थी। सोमवार रात करीब 8 बजे मल्टी ऑर्गन फेलियर और एआरडीसी यानी फेफड़ों में इंफेक्शन के कारण हृदयाघात से पीड़िता की मौत हो गई। मृतका के भाई के बयान पर दो निजी अस्पतालों के तीन चिकित्सकों पर गैर इरादतन का केस दर्ज किया है, जिसमें एक महिला चिकित्सक भी शामिल है। वहीं, एक युवक पर दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने कब्जे में ली थी डीवीआर
16 मार्च को लड़की के परिजन गर्भपात कराने के लिए हिसार के निजी अस्पताल में लेकर आए तो किसी ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग दी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर लड़की को गर्भपात से बचाया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निजी अस्पताल के सीसीटीवी की डीवीआर कब्जे में ली। आरोप है कि उक्त निजी अस्पताल के डॉक्टर लड़की के गर्भपात करने का प्रयास कर रहे थे, जिससे लड़की तबीयत बिगड़ गई थी।
महिला चिकित्सक ने 35 हजार में गर्भपात का सौदा किया था तय
गौरतलब है कि सदर थाना पुलिस को दिए बयान में पीड़िता के परिजनों ने बताया कि 22 फरवरी उनको पता चला कि उनकी अविवाहित बेटी गर्भवती है। इस दौरान युवती ने एक युवक पर शादी का झांसा देकर कई बार दुष्कर्म करने की बात बताई, जिसके बाद वह गर्भवती हो गई थी। वह गर्भपात करवाने पड़ाव चौक स्थित निजी अस्पताल में लेकर आए। डॉक्टर से 35 हजार रुपये में गर्भपात करवाना तय हुआ। आरोप है कि लेडी डॉक्टर ने गर्भपात का प्रयास किया और तीसरे दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी।
इसके बाद 27 फरवरी को तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल आए तो निजी अस्पलाल के इन चिकित्सकों ने अल्ट्रासाऊंड कराने के लिए आजाद नगर भेज दिया। वहां निजी अस्पताल के स्टाफ ने अल्ट्रासाउंड से इन्कार कर दिया। इसके बाद वह लड़की को आजाद नगर के ही एक अस्पताल में ले गए।डॉक्टर ने मशीन से चेकअप कर बताया कि गर्भपात नहीं हुआ है। ऑपरेशन करना पड़ेगा। इसके बाद 14 मार्च को पड़ाव के उसी अस्पताल में 50 हजार रुपये जमा कर युवती का इलाज शुरू किया। वह डॉक्टर अगले दिन लड़की को कस्बे के एक अस्पताल में ले गया। इस दौरान 16 मार्च को गर्भपात की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो युवती की तबीयत ज्यादा बिगड़ी मिली। इसके बाद उसे सिविल अस्पताल में दाखिल कराया। वहां से उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, यहां से उसके पेट से भ्रूण निकाला गया। सोमवार रात उसने दम तोड़ दिया।