हिसार। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए पहले से अधिक पारदर्शी और छात्र हितैषी बनाया है। बोर्ड ने पहली बार ऐसी व्यवस्था लागू की है जिसके तहत यदि किसी विद्यार्थी के पुनर्मूल्यांकन के बाद भी अंक नहीं बढ़ते हैं तब भी वह क्षेत्रीय कार्यालय में जाकर अपनी उत्तर पुस्तिका का निरीक्षण कर सकेगा। पुनर्मूल्यांकन के दौरान किसी विद्यार्थी का एक नंबर भी बढ़ता है तो संबंधित प्रश्न के लिए जमा कराई गई 25 रुपये की फीस लौटा दी जाएगी।
नई व्यवस्था से विद्यार्थियों को अपनी शंकाओं का समाधान करने का अवसर मिलेगा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। जिन विद्यार्थियों ने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया था और अंकों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, वे भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत उत्तर पुस्तिका का निरीक्षण कर सकेंगे। इसके लिए 100 रुपये का निर्धारित शुल्क जमा कराना होगा। यह शुल्क उत्तर पुस्तिका के भौतिक निरीक्षण के लिए लिया जाएगा। जिन विद्यार्थियों के पुनर्मूल्यांकन में अंक बढ़ते हैं उन्हें किसी क्षेत्रीय कार्यालय में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे विद्यार्थियों का अपडेटेड रिजल्ट डिजिलॉकर पर उपलब्ध करा दिया गया है जहां से वे संशोधित अंकपत्र डाउनलोड कर सकते हैं। जिन विद्यार्थियों के अंकों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है उनके लिए डिजिलॉकर पर नया परिणाम उपलब्ध नहीं होगा। ऐसे छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका देखना चाहते हैं तो उन्हें अपने संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय में जाकर निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी।