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Hisar News: पीपीपी से अनचाहे सदस्य का नाम कटने पर दोबारा नहीं बन पाएगी उसकी आईडी

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पीपीपी में दूसरे व्य​क्ति का नाम दिखाते आकाश पंवार।
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फतेहाबाद। गलतीवश किसी के परिवार पहचान पत्र में अनचाहा नाम जुड़ जाता है, तो इसे हटाया तो जा सकता है, लेकिन संबंधित व्यक्ति का नाम दूसरे परिवार में नहीं जुड़ सकता। हाल ही में सरकार ने पीपीपी पोर्टल पर अनचाहा पारिवारिक सदस्य हटाने का ऑप्शन तो डाल दिया है, लेकिन जिसका नाम कट रहा है, वह दोबारा पीपीपी नहीं बनवा पा रहा है। परिवार में नवजात शिशु को जन्म और परिवार में मृत्यु उपरांत सदस्य को हटाने का ही विकल्प मौजूद हैं। अब दुविधा ये है कि गलती किसी की है और भुगत होई परिवार रहा है। हरियाणा में परिवार पहचान पत्र बनने के बाद आ रही त्रुटियों को लेकर बार-बार पीपीपी पोर्टल को अपडेट किया जा रहा है। पहले लोगों की आय अधिक होने व कम होने की शिकायतें आ रही थी तो कई लोग इस बात से परेशान हैं, कि उनकी परिवार पहचान पत्र आईडी में किसी अन्य व्यक्ति का नाम जोड़ दिया गया है। इन त्रुटियों को दूर करने के लिए पोर्टल में बदलाव लाया गया है और पोर्टल में अन वांटेड फैमिली पर्सन का नया ऑप्शन दे दिया गया है। इस नए ऑप्शन से उन लोगों को तो फायदा होगा, जो अनवांटेड फैमिली पर्सन का नाम हटवाना चाहते हैं, लेकिन गलती वश पीपीपी में आए इन लोगों के नामों के बाद उनके नई फैमिली आईडी बनाने का कोई ऑप्शन नहीं है। इस सदस्य को बाहर किए जाने के बाद कोई नया परिवार नहीं मिलेगा, यानी उसकी न तो अलग से फैमिली आईडी बन पाएगी और न ही उसे किसी दूसरे परिवार में सदस्य के तौर पर जोड़ा जा सकेगा।
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ऐसा ही एक मामला फतेहाबाद में आया था। जिसमें फतेहाबाद के आर्किटेक्चर आकाश पंवार जोकि अनुसूचित जाति से हैं और उनकी पत्नी को अनुसूचित जाति में दर्शाया गया है, लेकिन परिवार का मुखिया सामान्य जाति का दिखा दिया है। अगर वह अपनी पीपीपी में कोई अपडेट भी करवाना चाहते हैं तो ओटीपी परिवार के मुखिया के नंबर पर जाता है और वह उनको ओटीपी देता नहीं है। जिस कारण आकाश पंवार काफी परेशान चल रहे हैं।
कोट


किसी भी परिवार पहचान पत्र में अनचाहा यानी परिवार से बाहर का सदस्य जुड़ा है तो उसे हटाने का विकल्प खोला गया है। जबकि उसे किसी दूसरी फैमिली आईडी से जोड़ने और नई फैमिली आईडी बनाने का कोई विकल्प नहीं है। परिवार में केवल जन्मजात और मृत्यु उपरांत सदस्य जोड़े और हटाए जा सकते हैं। कई परिवारों में अनचाहे सदस्य जुड़े हैं, जिनकी शिकायतों का अब निवारण संभव है।
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सचिन वर्मा, जोनल ऑफिसर, पीपीपी।
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