फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hisar News: आईसीयू को उपचार की दरकार, 2 साल से चिकित्सक न स्टाॅफ, मरीज किए जा रहे रेफर

Wed, 25 Dec 2024 09:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल में स्टॉफ न होने से बंद पड़ा आईसीयू का दरवाजा। 
विज्ञापन
हांसी। नागरिक अस्पताल के दूसरे तल पर दो वर्षों से आईसीयू बनकर तैयार है, लेकिन चिकित्सक व स्टॉफ की नियुक्ति न होने के कारण आईसीयू की सेवाओं का लाभ आमजन को नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में हांसी, नारनौंद व मुंढाल क्षेत्र के गंभीर रूप से घायलों को मजबूरन हिसार रेफर करना पड़ता है।
विज्ञापन

सड़क दुर्घटना व अन्य घटनाओं में गंभीर घायलों को आईसीयू की जरूरत होती है। लेकिन आईसीयू चालू न होने के कारण घायलों को उपचार के लिए हिसार या अग्रोहा रेफर करना पड़ता है। कई बार ऐसा हुआ है कि हांसी से मरीजों को हिसार रेफर किया जाता है और हिसार पहुंचने से पहले ही मरीज दम तोड़ देते हैं। ऐसे में आईसीयू हो तो कई घायलों की जान बच सकती है।
बता दें कि नागरिक अस्पताल में करीब दो वर्ष पहले आईसीयू का निर्माण हुआ था। एक वर्ष पहले स्वास्थ्य विभाग ने इसे टेकओवर कर लिया था। लेकिन अभी तक इसे चालू नहीं किया गया है। न ही इसके लिए अतिरिक्त चिकित्सक व स्टॉफ मिला है। आपातकाल में घायलों को हांसी के नागरिक अस्पताल में आईसीयू न होने के कारण निजी अस्पतालों में लेकर जाना पड़ता है, जहां पर उपचार काफी महंगा होता है। वहीं सरकारी उपचार की सुविधा के लिए हिसार के नागरिक अस्पताल या फिर अग्रोहा मेडिकल कॉलेज लेकर जाना पड़ता है। वहां आने जाने में काफी समय लगता है जिससे घायल की तबीयत और बिगड़ जाती है।
विज्ञापन



आईसीयू के लिए चाहिए अलग स्टॉफ
आईसीयू के संचालन के लिए अलग स्टॉफ की आवश्यकता होती है। इसमें 24 घंटे चिकित्सक व स्टॉफ तैनात रहेंगे। चिकित्सक मिलने के बाद ही आईसीयू को बेहतर तरीके से चलाया जा सकेगा। लेकिन हांसी के नागरिक अस्पताल में पहले से ही चिकित्सकों की कमी है। नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के 11 पद स्वीकृत हैं मगर उनमें से 3 चिकित्सक ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अस्पताल में प्रतिदिन 400 के करीब ओपीडी होती हैं।

दिसंबर 2022 में हुआ था निर्माण


बता दें कि नागरिक अस्पताल में दूसरी मंजिल पर आईसीयू दिसंबर 2022 में बनाया गया था। इसके निर्माण कार्य पर लगभग 14 लाख रुपये की लागत आई थी। यहां पर 12 बेड का आईसीयू बनाया गया है। लोकनिर्माण ने चार महीने में ही इसे तैयार कर दिया था। आईसीयू में रखे जाने वाले बेड व अन्य उपकरण नागरिक अस्पताल प्रशासन खुद लगाएगा।



नागरिक अस्पताल में आईसीयू शुरू करने के लिए अलग चिकित्सक व स्टॉफ चाहिए। हमने इसके लिए मांग की हुई है। - डॉ. राहुल बुद्धिराजा, एसएमओ, नागरिक अस्पताल

शामली कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बसपा कार्यकर्ता  । संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें