जिस बेटी पर पूरा देश नाज कर रहा है, वो हरियाणा में अपनी सेवाएं देंगी। आईएएस की परीक्षा में देश भर में पहले स्थान पर रही इरा सिंघल को हरियाणा कैडर मिलने की प्रबल संभावनाएं हैं।
शारीरिक रूप से अशक्त इरा सिंघल का कहना है कि हरियाणा उनकी सेकेंड च्वाइस थी और दिल्ली में आईएएस की सीटें फुल हैं, इसलिए हरियाणा कैडर मिलना लगभग तय है।
हालांकि अभी ट्रेनिंग के बाद कैडर तय होना है, इसलिए थोड़ा वक्त लगेगा। रविवार को अग्रोहा में आयोजित अग्र सम्मान समारोह में भाग लेने आई आईएएस टॉपर इरा सिंघल 'अमर उजाला से विशेष बातचीत कर रही थी। इस दौरान उनके माता-पिता भी साथ थे।
लड़कियों, पिछड़ा वर्ग और विकलांगों के लिए करेंगी विशेष काम
कैडर मिलने के बाद काम को लेकर अपने विचार रखते हुए इरा सिंघल ने कहा कि जहां भी उनकी पोस्टिंग होगी, वहां वो लड़कियों की स्थिति, पिछड़ा वर्ग और विकलांगों को लेकर विशेष काम करेंगी। बकौल इरा लड़कियों की स्थिति में अभी और सुधार की जरूरत है। साथ विकलांगों को भी समानता का अधिकार मिलना जरूरी है।
खुद में कमी ना देखें अशक्त
शारीरिक रूप से विकलांगों को संदेश देते हुए इरा कहती हैं कि अशक्तजन खुद में कमी ना देखें। किसी की सहानुभूति या दया की मांगने की जरूरत नहीं है बल्कि अपना जो भी हक है, उसे निडरता से मांगो। आपकी मेहनत ही आपको मुकाम हासिल करवाएगी। किसी भी प्रकार की सहयोग चाहिए, तो लीजिए, मगर इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दें।
दूसरों की ना सुनें, जो दिल में है, वो करें
आईएएस बनने की चाह रखने वालों के लिए इरा संदेश देती है कि दूसरों की ना सुनें। जो दिल में है, वो करो। लोग अलग-अलग तरह के आइडिया सामने रखेंगे लेकिन चुनना वही है, जो आपको बनना है। आपको जो तरीका पसंद आए, वही चुनो।
समारोह में फोटो खिंचवाने के लिए लगी होड़
दिल्ली की रहने वाली इरा सिंघल चार बार यूपीएससी की परीक्षा पास कर चुकी हैं। सन 2010, 2011, 2013 और फिर 2014 में। पहले तीनों बार वो आईआरएस चुनी गईं।
मगर इरा कहती हैं कि मन में कुछ और लगन थी, इसलिए तैयारी निरंतर जारी रखी और 2014 का परिणाम सबसे ज्यादा खुशियां लेकर आया। समारोह के दौरान इरा के साथ फोटो खिंचवाने वालों में होड़ सी मची हुई थी। खासकर महिलाएं उन्हें मुबारकबाद देते हुए उनके साथ फोटो खिंचवाने को ज्यादा उत्साहित नजर आई।