हिसार। शराब पीने का आदी हूं, लेकिन धार्मिक प्रवृति का हूं। अक्सर पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर जाता हूं। इसी शौक के कारण अमृतसर गया था। नशे की हालत में अपराध हो गया, इसका जिंदगी भर मलाल रहेगा। युवक की हत्या कर रेलवे ट्रैक पर शव फेंकने के मामले में गिरफ्तार आरोपी अरुण ने पुलिस पूछताछ में यह बात कही। जीआरपी ने शनिवार को उसे जिला अदालत में पेश किया जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश हुए।
जीआरपी थाना प्रभारी श्याम सिंह के मुताबिक उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के अहमदनगर निवासी रविंद्र ने पूछताछ में बताया कि अमृतसर में उसकी मुलाकात रोहतक के टिटोली निवासी रविंद्र से नहीं होती तो यह वारदात न होती। मोबाइल फोन भी उसी का चोरी हुआ था। उसने बताया कि मृतक की पहचान न हो पाए इसके लिए उसके चेहरे पर पत्थरों से कई वार किए थे। नशा थोड़ा कम हुआ तो पकड़े जाने के डर से हत्या को हादसा दिखाने की साजिश रची। मृतक के हाथ पीछे की ओर बांधे और शव को शंटिंंग लाइन पर बांध दिया। हालांकि उस दिन शंटिंग लाइन पर कोई ट्रेन ही नहीं आई।
बड़ा भाई है इंजीनियर
आरोपी ने बताया कि उसका बड़ा भाई इंजीनियर है। अच्छे घर से ताल्लुक होने के बाद भी नशे की लत ने उसे अपराध के दलदल में धकेल दिया है। पहले मारपीट के मामलों में संलिप्त रहा है। जीआरपी ने 3 अगस्त 2025 को जंक्शन क्षेत्र में हिसार-सिरसा ट्रैक पर युवक का शव बरामद किया था। इस मामले में रविंद्र को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था और शुक्रवार को अरुण भी पकड़ा गया। पकड़े जाने से पहले वह उत्तर प्रदेश और पंजाब में ठिकाने बदल-बदलकर रह रहा था। इस दौरान उसे शस्त्र अधिनियम के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार किया था। हालांकि बाद में रिहा कर दिया। थाना प्रभारी श्याम सिंह ने बताया कि मृतक की शिनाख्त के लिए फिर से प्रयास शुरू किए हैं। उसके चेहरे की फोटो, कपड़े व पहचान के अन्य दस्तावेज पंजाब, राजस्थान के सीमावर्ती जिलों के थानों में भेजे जा रहे हैं।