बास। क्षेत्र के एक गांव की एमबीए पास विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज मांगने, स्त्रीधन कब्जाने और जबरन गर्भपात कराने के आरोप लगाए हैं। महिला की शिकायत पर पुलिस ने जांच के बाद पति अजेश निवासी लाखु बुआना (पानीपत) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज किया है।
शिकायत में विवाहिता ने बताया कि उनकी शादी सात मार्च 2024 को अजेश से हिंदू रीति-रिवाज के साथ हुई थी। शादी में उसके माता-पिता ने करीब 25 लाख रुपये खर्च किए थे। सोने-चांदी के गहने और एक लाख रुपये नकद दिए थे। इसके बावजूद शादी के कुछ दिनों बाद ही पति, सास, ससुर और ननद ने गाड़ी की मांग की। जब उसने अपने घरवालों की आर्थिक स्थिति का हवाला दिया तो ससुराल पक्ष ने उन्हें ताने मारे व मारपीट भी की।
पीड़िता ने बताया कि जून 2024 में जब वह गर्भवती थी, तो सास और पति ने कहा कि उन्हें अभी बच्चा नहीं चाहिए। इसके बाद कथित रूप से उन्हें बुखार की गोली बताकर गर्भपात की दवा दे दी गई, जिससे उसका गर्भ गिर गया। अगस्त 2024 में उन्हें मायके भेज दिया गया और कहा गया कि कार मिलने तक उन्हें ससुराल में नहीं रखा जाएगा।
उनके पिता ने कई बार समझौते की कोशिश की, यहां तक कि दिसंबर 2024 में पुलिस थाने में भी सुलह हुई, लेकिन उसके बावजूद पति उसे लेने नहीं आया। सितंबर 2025 में पिता के दोबारा ससुराल जाने पर परिवार वालों ने कहा कि वे सिर्फ कार्रवाई से बचने के लिए झूठा आश्वासन दे रहे थे और अब तलाक लेकर दूसरी शादी करेंगे।
थाना पुलिस की एसआई सुमन रानी की प्रारंभिक जांच में पति अजेश पर दहेज की मांग कर मानसिक प्रताड़ना के आरोप सही पाए गए, जबकि सास, ससुर और ननद पर लगे आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। इसलिए पुलिस ने पति अजेश के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।