काम की तलाश में हिसार आई दो सगी बहनों को 70 हजार रुपये में बेचने
का मामला सामने आया है। इनमें एक नाबालिग है तथा दूसरी बालिग है। पुलिस ने
शनिवार को कोर्ट में दोनों लड़कियों के बयान दर्ज करवा नाबालिग लड़की की
शिकायत पर मानव तस्करी व बंधक बनाकर रखने तथा जान से मारने की धमकी देने का
केस दर्ज किया है। मामले में पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार भी किया
है। पकड़े गए अभियुक्त चौधरीवास निवासी सीताराम व जगान गांव निवासी खेमचंद
हैं।
शिकायत में नाबालिग लड़की ने बताया कि वे गुवाहटी असम की रहने वाली हैं।
किसी ने बताया कि हिसार स्थित एक फैक्टरी में उन्हें काम मिल जाएगा। इसी के
चलते वे हिसार पहुंच गईं। हिसार आने के बाद उनकी मूल रूप से जगान निवासी
हाल महाबीर कॉलोनी में रहने वाले खेमचंद से मुलाकात हुई। खेमचंद ने उन्हें
तीन चार दिन तक अपने घर बंधक बनाकर रखा और फिर बेच दिया।
उसने बताया कि
खेमचंद ने उसकी बहन को चौधरीवास निवासी सीताराम को 70 हजार रुपये में बेचा।
खरीद फरोख्त की दलाली चौधरीवास के कुलदीप ने की। आरोप है कि 70 हजार रुपये
भी फिलहाल उसके पास ही थे। उसे (शिकायतकर्ता नाबालिग को) उन्होंने नहला के
किसी व्यक्ति को बेच दिया। हालांकि उसकी पेमेंट उनके पास नहीं आई थी।
बताया गया है कि उसे वहां भी आगे कहीं बेचा जाना था।
गांव के लोगों ने बताया कि हाल ही में असम की लड़की को
सीताराम खरीदकर लाया था। वह मौका पाकर घर से भाग निकली। ग्रामीणों का कहना
है कि लड़की आरोप लगा रही थी कि वे उसे काम दिलवाने के बहाने से लाए थे मगर
यहां आने के बाद उसके सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया इसलिए वह यहां नहीं
रहना चाहती।
पुलिस के अनुसार शिकायत में लड़की ने बताया कि जब
वह घर से बाहर निकली तो गांव के बस स्टैंड पर पहुंचने की शायद सीताराम को
भनक लग गई। सीताराम के परिजन उसे बस स्टैंड से वापस बहला कर घर ले आए।
लड़की के पास मोबाइल फोन था। उसने 100 नंबर पर कॉल कर दी। पुलिस जब पहुंची
तो पूरा मामला सामने आ गया। पुलिस ने लड़की को वहां से छुड़वा लिया। लड़की
ने पुलिस को अपनी बहन के बारे में बताया। इसके बाद पुलिस ने उसे भी बरामद
कर लिया।
खेमचंद व सीताराम को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल
भेज दिया है। कुलदीप की गिरफ्तारी अभी बाकी है। मामले की जांच की जा रही
है। - ललित, एसएचओ, सदर थाना