हुडा के सेक्टर निगम में ट्रांसफर होते ही कई परतें खुलने लगी हैं। हुडा का कारनामा देखिए कि 9 इंच की पानी की पाइपलाइन ही अधिकारियों ने सेक्टर 16-17 में प्लॉट के बीचोंबीच से निकाल दी। मामले का खुलासा तब हुआ जब प्लॉट होल्डर एससीओ (शॉपिंग कांप्लेक्स कम ऑफिस) का निर्माण करना शुरू किया। जब नींव डालने के लिए खुदाई की गई तो प्लॉट के बीचोंबीच से पाइप लाइन निकली। मामले की शिकायत प्लॉट होल्डर ने हुडा कार्यालय में की। हुडा अधिकारियों ने कहा कि वे निशानदेही तो कर देंगे, मगर इस लाइन को हटाने का काम निगम अधिकारी ही करेंगे। निगम अधिकारियों ने शिकायत लेकर पहुंचे प्लॉट होल्डर को कहा कि वे शिकायत लेकर हुडा कार्यालय में जाएं। बता दें कि यह एक मामला नहीं, ऐसे कई मामले हैं, जिसमें सेक्टरवासी दो विभागों के बीच चक्कर काट रहें हैं।
निगम अधिकारी आज करेंगे डीसी से शिकायत
नगर निगम व हुडा अधिकारियों के बीच खींचतान चल रही है। कार्यों को लेकर हुडा अधिकारी निगम अधिकारियों का कथित रूप से सहयोग नहीं कर रहे। निगम अधिकारियों का आरोप है कि जो लोग शिकायत लेकर आते हैं उन्हें हुडा अधिकारी यह कहकर निगम में भेज देते हैं कि सेक्टर अब उनके पास नहीं निगम के पास चले गए हैं।
मीटिंग कर बनाई रणनीति
हुडा अधिकारियों को पूरी तरह घेरने के लिए नगर निगम अधिकारियों की इस मुद्दे पर मंगलवार को एक्सईएन कार्यालय में मीटिंग हुई। मीटिंग में एक्सईएन रामजीलाल, एमई जगदीश, एमई संदीप व जेई मौजूद थे। उन्होंने हुडा अधिकारियों को घेरने के लिए रणनीति बनाई। साथ ही किन किन मुद्दों पर हुडा अधिकारी उनका सहयोग नहीं कर रहे डीसी के सामने बातचीत करने के लिए प्वाइंट डिस्कस किए गए।
हुडा के अधिकारी हमें सहयोग नहीं कर रहे। जबकि सरकार ने जो लेटर भेजा है उसमें यह साफ लिखा है कि हुडा के जेई एसडीओ छह महीने तक हुडा कार्यालय यानी वहीं ड्यूटी देते हुए सेक्टरों की देखरेेख व अन्य काम में सहयोग करेंगे। हुडा अधिकारी अब इससे पल्ला झाड़ रहे हैं।
- रामजीलाल, एक्सईएन, नगर निगम
मेरे पास कोई शिकायत लेकर नहीं आया है। हां यह काम हमारा है। अगर कोई शिकायत लेकर आता है तो पाइप लाइन हटवा दी जाएगी। यह काम पहले किसने करवाया इसकी जानकारी नहीं।
- अमित गोदारा, एसडीओ, हुडा
मैं मौके पर गया था निशानदेही की है। इसकी रिपोर्ट इस्टेट ऑफिस को कर दी है।
- वीरभान, जेई, हुडा