शहर क ो जाम मुक्त बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस को आमजन का सहयोग नहीं मिल पा रहा। सहयोग देने के नियम तोड़ने वाले चालक खुद पुलिस के साथ झगड़ा शुरू कर देते हैं। महिलाआें के खिलाफ तो पुलिस को बेहद दिक्कतें हो रही है। शनिवार को भी गाड़ी में सवार एक महिला ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से भिड़ गई। शनिवार की दोपहर रोहतक-दिल्ली रोड पर पकोड़ा चौक के पास एक महिला ने अपनी गाड़ी सड़क पर खड़ी की और पास ही स्थित एक शापिंग कांप्लेक्स में चली गई। सड़क से गाड़ियाें को हटाने के लिए कार्यवाई कर रही ट्रैफिक पुलिस जब महिला की गाड़ी तक पहुंची मगर कोई चालक नजर नहीं आया। काफी देर बाद एक महिला वहां आई। बताते हैं कि जब पुलिस ने महिला से गाड़ी हटाने के लिए कहा तो महिला ने मना कर दिया। महिला ने इस कार्यवाही का विरोध शुरू कर दिया। उक्त महिला ट्रैफिक पुलिसकर्मियाें पर हावी हो गई और गाड़ी न हटाने की बात पर अड़ गई। महिला के साथ मौजूद पुरुष पहले तो चुप रहा, लेकिन कुछ देर बाद वह भी मैदान में कूद पड़ा। वे दोनों ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के साथ बहस करने लगे। खूब हंगामा हो गया। बाद में किसी तरह पुलिस को ही वहां से पीछे हटना पड़ा। कुछ देर बाद महिला और पुरुष भी अपनी गाड़ी लेकर चले गए।
कैसे सुधरेगा शहर
दरअसल, शहर के तमाम मार्गों पर अवैध पार्किंग हावी है। बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े किए जाने के कारण शहर की सड़कों पर जाम लग जाता है। पुलिस ने कई बार वाहनों को उठाया भी है, लेकिन कई बार यह कार्यवाही पुलिस के लिए परेशानी खड़ी कर देती है। आरएसओ सुधीर भारद्वाज ने कहा कि सड़क पर ड्यूटी करना पुलिस के लिए बेहद परेशानी भरा है। कभी राजनीति हावी हो जाती है तो कभी आमजन का सहयोग नहीं मिलता। ऐसे में यदि पुलिस कार्यवाही करे तो गाज भी उसी पर गिरती है। वहीं किला मोहल्ला निवासी रमन ने कहा कि सड़कों पर महिला पुलिस की भी तैनाती होनी चाहिए। इस तरह की घटनाआें में कई बार पुरुष पुलिसकर्मियों को दिक्कतें होती हैं।