हांसी। बंदरों के उत्पात से परेशान शहरवासियों के लिए राहत की खबर है। नगर परिषद ने बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर लगा दिया है। यह टेंडर एक वर्ष की अवधि का होगा। इसके तहत ठेकेदार को पूरी मुस्तैदी और नियमों का पालन करते हुए बंदरों को पकड़ना होगा। यदि ठेकेदार का कार्य संतोषजनक रहता है तो सक्षम अधिकारी की मंजूरी से इस ठेके को आगामी 1 वर्ष के लिए और बढ़ाया जा सकता है।
नगर परिषद ने इस बार कई शर्तें लागू की हैं। ठेकेदार को बंदर पकड़ने के लिए गाड़ी, पिंजरों और कर्मचारियों की व्यवस्था अपने स्तर और खर्चे पर ही करनी होगी। बंदरों को पकड़ते समय, रास्ते में और जंगल में छोड़ते समय तारीख सहित फोटो और वीडियोग्राफी करवानी अनिवार्य होगी। जिसे बिल के साथ नप कार्यालय में जमा करना होगा। पकड़े गए बंदरों की गिनती नगर परिषद के कर्मचारियों की देखरेख में होगी।
ठेकेदार को स्थानीय वार्ड पार्षद या अधिकृत अधिकारी से इसे सत्यापित करवाना होगा तभी बिल का भुगतान किया जाएगा। टेंडर के नियमों में वन्य जीव सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। बंदरों को पकड़ते समय या छोड़ते समय उनसे किसी भी प्रकार की क्रूरता नहीं की जाएगी। ऐसा करने पर पशु क्रूरता अधिनियम और हरियाणा म्युनिसिपल एक्ट 1973 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा यदि कोई बंदर घायल होता है तो पूरी तरह ठीक होने तक उसके इलाज और खाने-पीने का खर्च ठेकेदार उठाएगा। यदि किसी बंदर की मृत्यु हो जाती है, तो उसे दफनाने की जिम्मेदारी भी ठेकेदार की होगी। जनता की शिकायत पर यदि ठेकेदार का काम संतोषजनक नहीं मिला तो मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिना कोई कारण बताए नोटिस देकर ठेका तुरंत रद्द कर सकते हैं।
बच्चों ने पार्कों में जाना किया बंद
शहर के उत्तम नगर, मॉडल टाउन, सेक्टर छह, लाल सड़क, सुभाष नगर, मुलतान कॉलोनी, यति नगर, बैंक कॉलोनी सहित विभिन्न इलाकों में बंदरों के झुंड देखे जा सकते हैं। बंदर इतने आक्रामक हो गए हैं कि बच्चों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। यहां तक कि बंदरों की वजह से बच्चों ने पार्कों में भी जाना बंद कर दिया है।
प्रतिदिन 30 लगवाते हैं एंटी रेबीज इंजेक्शन
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन डॉग व मंकी बाइट के 25 से 30 नए केस आते हैं। वहीं जरूरत पड़ने पर बूस्टर डोज भी लगाई जाती है। प्रति महीने 300 से 400 केस आते हैं।
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बंदरों से परेशानियों को लेकर लोगों की काफी शिकायतें मिल रही थीं। आमजन की सहूलियत को देखते हुए शहर में बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर लगा दिया गया है। अभी एक वर्ष के लिए टेंडर दिया जाएगा।। - प्रवीन ऐलावादी, अध्यक्ष, नगर परिषद।