सिरसा। जिले में एचआईवी यानी एड्स रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। खास बात यह है कि रोगियों में 80 प्रतिशत युवा हैं। 60 प्रतिशत युवा नशे का सिरिंज लगाने के कारण एचआईवी से संक्रमित हुए हैं। उनकी आयु 20 से 25 वर्ष है।
संक्रमित युवाओं की काउंसिलिंग में खुलासा हुआ है कि ये अपने साथियों के साथ चिट्टा यानी हेरोइन व नशीली दवा का नशा करने के लिए एक ही सिरिंज का इस्तेमाल करते थे।
आंकड़ों के अनुसार, जिले में एड्स रोगियों की संख्या 3595 तक पहुंच गई है। वर्ष 2019 में इनकी संख्या केवल 939 थी। अप्रैल 2026 में जिले के 56 युवा इस खतरनाक बीमारी से संक्रमित पाए गए। एड्स कंट्रोल कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. प्रतीक गोयल ने बताया कि एचआईवी संक्रमितों में 80 प्रतिशत युवा हैं।
सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि जिले में असुरक्षित यौन संबंधों से ज्यादा नशे के लिए एक ही सिरिंज का बार-बार इस्तेमाल संक्रमण का बड़ा कारण बन रहा है। नशे की लत से जुड़े युवा एक-दूसरे के साथ सिरिंज साझा करते हैं जिससे वायरस तेजी से फैलता है।
3595 संक्रमितों में से 60 प्रतिशत युवा नशे का सिरिंज लगाने से इस बीमारी की चपेट में आए। असुरक्षित यौन संबंध बनाने से 30 प्रतिशत व संक्रमित रक्त से 10 फीसदी लोगों को यह बीमारी हुई है। संवाद