हिसार में मिठाई की दुकान में लगी जुगाड़ की लिफ्ट में दर्दनाक हादसा हुआ। कर्मचारी का सिर और धड़ अलग होने से कर्मी की मौत हो गई। लिफ्ट में दीवार की साइड में लगे लोहे के एंगल में गर्दन फंसने से सुबह छह बजे हादसा हो गया।
हिसार में सिटी थाना रोड स्थित मिठाई की दुकान में लगी जुगाड़ की लिफ्ट में हादसा होने से एक कारिंदे की दर्दनाक मौत हो गई। कारिंदे जसबीर की धड़ और सिर अलग हो गया। रविवार सुबह करीब छह बजे हुए इस हादसे की सूचना मिलते ही दुकान मालिक व पुलिस मौके पर पहुंची। शव को जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया जहां से अग्रोहा मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया। दोपहर बाद पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। लिफ्ट में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होने से पता नहीं चल सका की हादसा कैसे हुआ। पुलिस ने फिलहाल इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है।
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सिटी थाना पुलिस के मुताबिक कुंभाखेड़ा निवासी जसबीर (33) शनिवार रात दुकान में ही रुक गया था। सुबह करीब छह बजे दुकान के अन्य कारिंदे सफाई करने लगे तो जसबीर को दूसरी मंजिल पर जाकर सोने के लिए कह दिया। वह दुकान में लगी जुगाड़ लिफ्ट में प्रवेश कर दूसरी मंजिल पर जाने लगा। पहली व दूसरी मंजिल के बीच अचानक उसकी गर्दन लिफ्ट में दीवार की साइड में लगे लोहे के एंगल में फंस गई। चीख सुनकर दुकान में सफाई कर रहे कारिंदों ने तुरंत लिफ्ट का स्विच ऑफ कर दिया लेकिन तब तक जसबीर का सिर कटकर धड़ से अलग हो चुका था।
लिफ्ट के अंदर का दृश्य देख सहम गए कर्मचारी
दुकान में सफाई कर रहे कर्मचारी लिफ्ट के रुकते ही पहली मंजिल पर जाकर उसके अंदर घुसे। अंदर जसबीर का लहूलुहन सिर पड़ा था और ऊपर उसके शरीर का शेष हिस्सा। यह देखकर कर्मचारी सहम गए। तत्काल दुकान मालिक अनिल गोयल को सूचना दी। वे दुकान पहुंचे और सिटी थाना पुलिस को बुलवाया। तब तक दुकान के बाहर लोगों की भी भीड़ लग गई थी।
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका, फिर माने हादसा ही हुआ
हादसे की सूचना मिलते जसबीर के पिता व अन्य परिजन भी मौके पर पहुंच गए। पिता राममेहर, चाचा बलविंद्र ने पुलिस के समक्ष जसबीर की हत्या की आशंका जताई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज दिखाई। जिसमें साफ दिख रहा था कि जसबीर लिफ्ट में प्रवेश कर रहा है। इसके बाद वे मान गए कि हादसे की वजह से जसबीर की मौत हुई है।
दुकान में काम करने को लेकर विरोधाभास
जसबीर दुकान में काम करता था या नहीं इसे लेकर विरोधाभास बना है। दुकान मालिक अनिल गोयल ने बताया कि जसबीर उनके यहां काम नहीं करता था। वह अपने दोस्त विजय से मिलने शनिवार को दुकान पर आया था। दुकान के कारिंदे बिंदादीन ने भी बताया कि जसबीर दुकान पर काम नहीं करता था।
जसबीर के पिता राममेहर व चाचा ने कहा कि जसबीर काफी समय से इसी दुकान पर काम करता था। सिटी थाना प्रभारी अमित कुंडू ने बताया कि अभी दोनों पक्षों अपने-अपने तर्क दे रहे हैं। जांच करा रहे हैं कि जसबीर इस दुकान पर काम करता था या नहीं। फिलहाल परिजनों के बयान पर इत्तेफाकिया मौत की कार्रवाई की है।
लिफ्ट लगवाने के नियम एक्सपर्ट : हरियाणा लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता (इलेक्ट्रिकल) रितेश नांदल के अनुसार
लिफ्ट लगवाने के लिए हरियाणा बिल्डिंग कोड के नियमों का पालन करना होता है।
लिफ्ट लगाने से पहले स्थानीय निकाय या एचएसवीपी से बिल्डिंग प्लान पास करवाना होगा। काम पूरा होने के बाद लिफ्ट का निरीक्षण होता है। इसके बाद ही सरकार उपयोग का लाइसेंस देती है। हरियाणा में लिफ्ट लगाने के लिए मंजूरी, निगरानी का काम चीफ इलेक्ट्रिकल ऑफिसर करते हैं।
लिफ्ट हमेशा किसी प्रमाणित और लाइसेंस प्राप्त कंपनी या ठेकेदार से ही लगवाएं।
लिफ्ट की भार क्षमता निर्धारित होती है। जैसे लिफ्ट 4, 8, 12, 16 व्यक्ति या कितने किलो भार ले जाया जा सकता है। लिफ्ट में आपातकालीन ब्रेक, ओवरलोड सेंसर और ऑटोमैटिक डोर सेंसर होने चाहिए।
यदि बिल्डिंग 13 से 15 मीटर (लगभग 4-5 मंजिल) ऊंची है, तो लिफ्ट लगाना कानूनी रूप से जरूरी है। 15 मीटर से ऊंची इमारतों में फायरमैन लिफ्ट लगाना अनिवार्य है।
क्या होती है जुगाड़ लिफ्ट
दुकानों में सामान ऊपर-नीचे ले जाने के लिए लगाई जाने वाली माल ढुलाई लिफ्ट सुरक्षा नियमों के अनुसार प्रमाणित नहीं होती। इसमें लोहे के फ्रेम या प्लेटफॉर्म पर सामान रखा जाता है। स्टील की रस्सी (वायर रोप), पुली और मोटर की मदद से ऊपर-नीचे चलती है। इनमें लोगों के चढ़ने की अनुमति नहीं होती। दुकानदार इन्हें स्थानीय स्तर पर बना लेते हैं। इनका कहीं पंजीकरण नहीं होता। सुरक्षा के लिए दरवाजे, इंटरलॉक, सेंसर, ओवरलोड सुरक्षा या इमरजेंसी ब्रेक जैसी सुविधाएं नहीं होतीं।
मिठाई की दुकान में लगी लिफ्ट में हादसा होने से जसबीर की मौत हुई है। परिजन हत्या की आशंका जता रहे थे। उन्हें दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे दिखाए तो वे संतुष्ट हो गए और किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी।- प्रिया शर्मा, डीएसपी, हिसार