हरियाणा में विभिन्न कॉलेजों के एक्सटेंशन लेक्चरर्स से वेतन को लेकर काफी भेदभाव किया जा रहा है। हरियाणा में करीब चार हजार एक्सटेंशन लेक्चरर्स है। जिनमें काफी लेक्चरर्स तो नेट व पीएचडी क्वालीफाईड है। एक्सटेंश्न लेक्चरर्स को जेबीटी व बीएड के गेस्ट टीचरों की अपेक्षा प्रतिमाह काफी कम वेतन दिया जा रहा है। इस बात को लेकर हरियाणा के सभी एक्सटेंश्न लेक्चरर्स में रोष व्याप्त है। इस विसंगति को दूर करने के लिए काफी बार एक्सटेंशन लेक्चरर्स द्वारा शिक्षा विभाग को सूचित भी किया गया है। लेकिन इस बारे में अभी शिक्षा विभाग द्वारा कोई फैसला नहीं किया गया है। ऐसे में हरियाणा एक्सटेंश्न लेक्चरार जेबीटी गेस्ट टीचरों से भी कम वेतन लेने को मजबूर है।
जूनियर लेक्चरार को 22500 रूपये व नेट क्वालीफाईड को 18000 प्रतिमाह
स्कूलों के गेस्ट जूनियर लेक्चरर्स को जहां 22500 रूपये प्रतिमाह मिलते है, वहीं नेट क्वालीफाईड कॉलेज के एक्सटेंशन लेक्चरर्स को प्रतिमाह सिर्फ 18000 रूपये दिये जाते है। हालांकि एक्सटेंशन लेक्चरर्स को 300 रूपये प्रति लेक्चर के दिया जाता है। लेकिन इसमें लेक्चर ज्यादा होने पर भी सरकार द्वारा 18000 रूपये प्रतिमाह वेतन ही एक्सटेंशन लेक्चरर्स के लिए फिक्स किए गए है। वहीं जेबीटी गेस्ट टीचरों को भी प्रतिमाह 19500 रूपये फिक्स वेतन दिया जाता है। तथा बीएड अध्यापको को भी 21500 रूपये प्रतिमाह वेतन मिलता है जो कॉलेज के एक्सटेंशन लेक्चरर्स से कहीं ज्यादा है।
आठ से ग्यारह हजार रूपये ही मिल पाते है एक्सटेंश्न लेक्चरर्स को
विभिन्न कॉलेजों के एक्सटेंशन लेक्चरर्स को हालांकि 18000 रूपये प्रतिमाह वेतन फिक्स किया हुआ है। लेकिन यह वेतन भी पूरा नहीं दिया जाता। इस वेतन में भी लेक्चरर्स से भेदभाव किया जा रहा है। जहां प्रति लेक्चर के हिसाब से ज्यादा लेक्चर होने पर 18000 रूपये प्रतिमाह वेतन लेक्चरर्स को मिलता है, वहीं लेक्चर कम होने पर प्रति लेक्चर के हिसाब से वेतन दिया जाता है। कॉलेजों में प्रतिमाह सरकारी व गैर सरकारी अवकाश होने के चलते कुल लेक्चरर्स के आधार पर ही वेतन दिया जाता है। जिससे महीने में कई बार अधिक अवकाश होने पर मुश्किल से 15 से 20 दिन कॉलेज लगने पर औसत आठ से ग्यारह हजार तक ही वेतन मिलता है जो प्रति लेक्चर के हिसाब से ही दिया जाता है।
साल में सात-आठ माह का ही मिलता है वेतन
कॉलेज के एक्सटेंशन लेक्चरर्स को पूरे साल का वेतन भी नहीं दिया जाता। इन लेक्चरर्स को चार से पांच महीने के लिए कॉलेज अवकाश के दौरान रिलीव कर दिया जाता है। जिससे इनको सिर्फ सात से आठ माह का ही वेतन मिल पाता है। आलम ये है कि जहां जेबीटी गेस्ट टीचर को पूरे साल में 2,3400 वेतन मिलता है। वहीं एक्सटेंशन लेक्चरर्स को पूरे साल में एक लाख के करीब ही वेतन मिल पाता है।