एसडी महिला कॉलेज के सभागार में बुधवार को सद्भावना बनाने के मकसद से एक सभा का आयोजन किया गया। सभा में गांवों के नंबरदार, पंच-सरपंचों को बुलाया गया था। सभा के दौरान भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य राजेश ठकराल ने माना कि सरकार देर से जागी है।
ठकराल ने जाट आरक्षण के नाम पर हुई जातीय हिंसा के पहलुओं को सिलसिलेवार रखते हुए जाट समाज को भी नसीहत दी कि ट्रैक और रास्ते जाम करना सरासर अपराध था। उन्होंने कहा कि आरक्षण दें या न दें ये सरकार का काम है। लोगों में जाट नॉन जाट की नफरत नहीं थी, लेकिन ट्रैक रोकने, रास्ता बंद करने से लोगों में नाराजगी इस बात को लेकर बढ़ गई थी कि प्रदेश को एक तरह से बंधक बना लिया गया।
उन्होंने सभागार में मौजूद लोगों से मुखातिब होकर कहा कि अपने बच्चों को समझाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि लोगों में यह भी नाराजगी थी कि सरकार ने समय रहते कदम क्यों नहीं उठाए। इसके बाद झगड़े हुए, लूटमार हुई। जाट नॉन जाट का मामला हुआ। 35-36 बिरादरी का नारा गलत था, लेकिन ये विचार करना चाहिए कि ऐसा क्यों हुआ।
समाज में सभी समझदार लोग हैं, सभी को मिलकर सोचना होगा। नेता चले जाएंगे, लेकिन आपने यहीं रहना है, जिससे गलती हुई है, वो अपनी गलती सुधारें। आरक्षण दें या न दें वो सरकार का काम है। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने गलत नुकसान लिखवाया है, वो गलत है। सरकार का पैसा हराम का नहीं है। इसलिए अपना जायज नुकसान ही लिखवाएं। सरकार के खजाने में भी जनता का ही पैसा है।
थुराना के सरपंच दीपचंद वत्स ने कहा कि नेता लोगों को जात-पात का नारा सिखाते हैं। अगर आरक्षण हो तो गरीबों को मिलना चाहिए। उन्होंने इस दौरान लोगों को गरीबी के आधार पर आरक्षण से सहमत होने पर हाथ खड़े करने को कहा तो बेहद कम लोगों ने हाथ उठाए।
उन्होंने कहा कि जिन्होंने भी लूटपाट की है, उन पर मुकदमे बनने चाहिए, कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पूर्व मंत्री सुभाष गोयल ने प्रशासन की सराहना करते हुए सभी को भाईचारे का संदेश दिया। गोयल ने कहा कि भाईचारा बनाने के लिए यह अच्छा प्रयास है और वे इसके लिए प्रशासन का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि अफवाहों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये सच्चाई है कि आरक्षण का लाभ सभी को नहीं मिलता है।
असामाजिक तत्वों से बचें : एसडीएम
बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसडीएम जगदीप सिंह ने कहा कि कोई भी समाज आपसी भाईचारे और सहयोग के बिना प्रगति के पथ पर आगे नहीं बढ़ सकता, इसलिए सभी को चाहिए कि वे जातपात से ऊपर उठकर अपने गांव व प्रदेश में शांति और आपसी भाईचारा बनाने अपना योगदान दें।
उन्होंने माना कि प्रशासन से गलती हुई है। उन्होंने कहा कि लोगों को चाहिए कि वे अवसरवादी ताकतों व असामाजिक तत्वों से बचें और उनका अपनी क्षमता के अनुरूप मुकाबला करें। इस अवसर पर इस अवसर पर सिसाय बोलान के सरपंच बलबीर सिहाग, थुराना से सरपंच दीपचंद वत्स, फतेह सिंह गुर्जर, ब्लॉक समिति सदस्य सरदार अर्जुन सिंह, राजकुमार भाटी, बीडीपीओ ओमप्रकाश शर्मा व कई अन्य ने भी अपने विचार रखे। बैठक के दौरान डीएसपी संदीप मलिक व जितेंद्र सिंह, तहसीलदार विनय चौधरी व तहसीलदार नारनौंद योगेश कुमार समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।