एयरपोर्ट पर ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) की टीम भी शीघ्र ही दौरा करेगी। बीसीएएस सभी एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था देखती है। इससे पहले फरवरी में डीजीसीए की टीम के साथ भी इसके अधिकारी एयरपोर्ट पर आए थे और यहां सुरक्षा मानकों को जांचा था। चूंकि टीम ने फायर सेफ्टी को लेकर आपत्ति जताई थी तो संभावना है कि टीम इसी को लेकर फिर से एयरपोर्ट का दौरा कर सकती है।
एयरपोट पर नवनिर्मित हवाई पट्टी पर पिछले साल सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर आया हवाई जहाज उतरा था। अब 10 मार्च को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु का हवाई जहाज भी इसी हवाई पट्टी पर उतरेगा। यहां से राष्ट्रपति वाया सड़क मार्ग जीजेयू में होने वाले दीक्षांत समारोह में पहुंचेंगी।
हिसार के हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए वर्ष 2014 में काम शुरू हुआ था। उस समय एयरपोर्ट के पास 200 एकड़ जमीन थी। दो चरणों में इसमें 7 हजार एकड़ जमीन को जोड़ा गया। यह देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनेगा, क्योंकि किसी भी एयरपोर्ट के पास इतनी जमीन नहीं है।
एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग के लिए अभी एलआईएस (लैंडिंग इंस्ट्रूमेंट सिस्टम) लगाया जाना शेष है। जब तक यह सिस्टम नहीं लगेगा, तब तक एयरपोर्ट को हवाई जहाज की नाइट लैंडिंग की अनुमति नहीं मिलेगी। एयरपोर्ट को अभी लाइसेंस मिलता है और इसके बाद एलआईएस लगता है तो एयरपोर्ट अथॉरिटी को फिर से नया लाइसेंस लेना होगा, जिसमें नाइट लैंडिंग की भी अनुमति होगी। हालांकि हवाई पट्टी पर कैट आई लाइट सिस्टम लगाया जा चुका है।
इस एयरपोर्ट को केंद्र सरकार ही संभालेगी। संचालन के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) को सौंप दिया जाएगा। एयरपोर्ट पर प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय स्तर के नए टर्मिनल का निर्माण भी एएआई की देखरेख में ही होगा। इसके अलावा एयरपोर्ट की सुरक्षा का जिम्मा भी सीआईएसएफ के पास रहेगा। फिलहाल हरियाणा पुलिस की थर्ड बटालियन के 300 जवान एयरपोर्ट की सुरक्षा कर रहे हैं। सीआईएसएफ के आने के बाद इन्हें गेट के बाहर तैनात कर दिया जाएगा।
एयरपोर्ट से हवाई उड़ान शुरू करने के लिए अब लाइसेंस का ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। 20 मार्च से पहले लाइसेंस मिल जाएगा। लाइसेंस मिलने के बाद जल्द से जल्द उड़ान सेवाएं शुरू की जाएंगी। - विपुल गोयल, नागरिक उड्डयन मंत्री, हरियाणा सरकार।