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महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट: 20 मार्च से पहले मिलेगा लाइसेंस, इन पांच शहरों के लिए हवाई सेवाएं शुरू करने की योजना

Fri, 07 Mar 2025 11:13 AM IST
नवीन दलाल माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा)

सार

एयरपोर्ट को केंद्र सरकार ही संभालेगी। संचालन के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) को सौंप दिया जाएगा। एयरपोर्ट पर प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय स्तर के नए टर्मिनल का निर्माण भी एएआई की देखरेख में ही होगा।
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हिसार एयरपोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट को हवाई सेवा संचालन के लिए 20 मार्च से पहले लाइसेंस मिल जाएगा। प्रदेश के नागरिक उड्डयन मंत्री विपुल गोयल के इस दावे को सही मानें तो लाइसेंस मिलने के बाद यहां से हवाई उड़ान भी शुरू हो जाएंगी। प्रदेश सरकार एलायंस एयर के साथ समझौता कर चुकी है और पहले चरण में 5 शहरों जयपुर, अहमदाबाद, चंडीगढ़, अयोध्या और जम्मू के लिए हवाई सेवाएं शुरू करने की योजना है।

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अगस्त 2024 में डीजीसीए की टीम ने तीन दिन तक एयरपोर्ट का निरीक्षण कर 44 छोटी-बड़ी आपत्तियां दर्ज कराईं थीं। इन आपत्तियों के कारण ही एयरपोर्ट को लाइसेंस नहीं मिल सका। हालांकि बाद में सभी आपत्तियों को दुरुस्त कर रिपोर्ट डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) को भेज दी थी।

इसके बाद 13 व 14 फरवरी को डीजीसीए व ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी की 6 सदस्यीय टीम ने एयरपोर्ट का निरीक्षण किया। निरीक्षण पूरा होने के बाद टीम ने कुछ आपत्तियां लगाईं और इन्हें 28 फरवरी तक दूर करने पर मार्च के पहले सप्ताह में लाइसेंस देने की बात कही। अब मंत्री गोयल ने दावा किया है कि 20 मार्च तक एयरपोर्ट को हवाई उड़ान के लिए लाइसेंस मिल जाएगा।

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बीसीएएस की टीम भी जल्द करेगी दौरा

एयरपोर्ट पर ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) की टीम भी शीघ्र ही दौरा करेगी। बीसीएएस सभी एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था देखती है। इससे पहले फरवरी में डीजीसीए की टीम के साथ भी इसके अधिकारी एयरपोर्ट पर आए थे और यहां सुरक्षा मानकों को जांचा था। चूंकि टीम ने फायर सेफ्टी को लेकर आपत्ति जताई थी तो संभावना है कि टीम इसी को लेकर फिर से एयरपोर्ट का दौरा कर सकती है।

अब राष्ट्रपति का प्लेन एयरपोर्ट पर होगा लैंड

एयरपोट पर नवनिर्मित हवाई पट्टी पर पिछले साल सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर आया हवाई जहाज उतरा था। अब 10 मार्च को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु का हवाई जहाज भी इसी हवाई पट्टी पर उतरेगा। यहां से राष्ट्रपति वाया सड़क मार्ग जीजेयू में होने वाले दीक्षांत समारोह में पहुंचेंगी।

7200 एकड़ में बनाया जा रहा एयरपोर्ट

हिसार के हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए वर्ष 2014 में काम शुरू हुआ था। उस समय एयरपोर्ट के पास 200 एकड़ जमीन थी। दो चरणों में इसमें 7 हजार एकड़ जमीन को जोड़ा गया। यह देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनेगा, क्योंकि किसी भी एयरपोर्ट के पास इतनी जमीन नहीं है।

एयरपोर्ट पर एलआईएस की सुविधा नहीं

एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग के लिए अभी एलआईएस (लैंडिंग इंस्ट्रूमेंट सिस्टम) लगाया जाना शेष है। जब तक यह सिस्टम नहीं लगेगा, तब तक एयरपोर्ट को हवाई जहाज की नाइट लैंडिंग की अनुमति नहीं मिलेगी। एयरपोर्ट को अभी लाइसेंस मिलता है और इसके बाद एलआईएस लगता है तो एयरपोर्ट अथॉरिटी को फिर से नया लाइसेंस लेना होगा, जिसमें नाइट लैंडिंग की भी अनुमति होगी। हालांकि हवाई पट्टी पर कैट आई लाइट सिस्टम लगाया जा चुका है।

केंद्र सरकार संभालेगी एयरपोर्ट

इस एयरपोर्ट को केंद्र सरकार ही संभालेगी। संचालन के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) को सौंप दिया जाएगा। एयरपोर्ट पर प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय स्तर के नए टर्मिनल का निर्माण भी एएआई की देखरेख में ही होगा। इसके अलावा एयरपोर्ट की सुरक्षा का जिम्मा भी सीआईएसएफ के पास रहेगा। फिलहाल हरियाणा पुलिस की थर्ड बटालियन के 300 जवान एयरपोर्ट की सुरक्षा कर रहे हैं। सीआईएसएफ के आने के बाद इन्हें गेट के बाहर तैनात कर दिया जाएगा।
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एयरपोर्ट से हवाई उड़ान शुरू करने के लिए अब लाइसेंस का ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। 20 मार्च से पहले लाइसेंस मिल जाएगा। लाइसेंस मिलने के बाद जल्द से जल्द उड़ान सेवाएं शुरू की जाएंगी। - विपुल गोयल, नागरिक उड्डयन मंत्री, हरियाणा सरकार।
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