शहर में मच्छरों का डंक तेज हो रहा है। मगर नगर निगम की शहर में फॉगिंग करवाए जाने की गति बेहद धीमी है। जिला में अभी तक 70 से ज्यादा मलेरिया पॉजिटिव मरीज आ चुके हैं, जबकि एक केस डेंगू का भी पॉजिटिव पाया गया है। हैरानी की बात है कि स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम इसे हल्के में लिए हुए हैं। शहर में अभी तक 10 प्रतिशत हिस्से में फॉगिंग नहीं हो पाई है।
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निगम ने किया था रोस्टर जारी नहीं हो रही फॉगिंग
नगर निगम ने शहर के बाहरी क्षेत्रों में फॉगिंग करवाने बारे रोस्टर जारी किया था मगर रोस्टर के मुताबिक फॉगिंग नहीं हो पा रही। रोस्टर के हिसाब से तो कई क्षेत्रों में फॉगिंग हो जानी चाहिए थी। संबंधित विभाग के अधिकारी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे पा रहे।
निगम में पड़ी हैं फॉगिंग मशीनें
नगर निगम में फॉगिंग मशीने पड़ी रहती है। जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई हैं उनकी मॉनीटरिंग तक नहीं हो पा रही। केवल खानापूर्ति की जा रही है। निगम में फॉगिंग से संबंधित सामान वेस्ट में पड़ा रहता है।
नमी बता नहीं करते फॉगिंग
नगर निगम के सेनीटेशन ब्रांच अधिकारी लोगों को नमी बताकर फॉगिंग नहीं किए जाने की बात पर गुमराह करते हैं। जब बारिश न हो तो वातावरण में नमी बताकर फॉगिंग न करने का बहना बना रहे हैं, जबकि लोग मच्छरों के डंक से परेेशान हैं।
बारिश होने के कारण बाधा आ जाती है। वैसे सातरोड एरिया ने फॉगिंग का काम शुरू किया जा चुका है। उस एरिया में हो चुकी है। बुधवार को मिलगेट एरिया में फॉगिंग शुरू करनी थी। मगर बारिश आने के कारण नहीं की जा सकी।
- राजेश, एसआई नगर निगम।
प्राइवेट अस्पताल डेंगू जांच 600 रुपये में
जिले के प्राइवेट अस्पताल और लैब डेंगू के मरीजों की पुष्टि नहीं कर सकते। जब तक सरकारी अस्पताल की लैब की रिपोर्ट में पुष्टि न हो। अगर कोई प्राइवेट डॉक्टर या लैब संचालक बिना सरकारी लैब की रिपोर्ट के डेंगू की पुष्टि करता है तो जिला मलेरिया विभाग उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा। मलेरिया विभाग की तरफ से प्राइवेट अस्पतालों और लैब संचालकों को दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं। लैब किसी से डेंगू की जांच के नाम पर 600 रुपये से ज्यादा न वसूले।
लार्वा मिलने पर भेजते हैं नोटिस
सूर्यनगर, शिव कॉलोनी और पटेल नगर में अभी तक मलेरिया के ज्यादा रोगी सामने आए हैं। मलेरिया के कुल 70 रोगी पहचाने जा चुुके हैं। कारण यह है कि यहां पर घरों के अंदर कूलरों और पानी के अंदर स्रोतों में लार्वा मिल चुका है। कई बार लोगों को जागरूक करने के बाद लार्वा मिल रहे हैं। ऐसे में विभाग की तरफ से उन लोगों को चेतावनी नोटिस जारी किए जा रहे हैं जिनके घर लार्वा मिले हैं। अब तक 43 लोगों को चेतावनी नोटिस भेजे जा चुके हैं।
शाहपुर में कराई फॉगिंग
स्वास्थ्य विभाग ने शाहपुर गांव में 12 साल के एक बालक को डेंगू रोग की पुष्टि हुई है। जिला में डेंगू का यह पहला केस है। स्वास्थ्य विभाग ने शाहपुर गांव के एक बालक को बुखार होने पर सैंपल लिया था। लैब में जांच की तो बालक में डेंगू की पुष्टि हो गई। इस पर विभाग में हड़कंप मच गया था। तब विभाग ने टीम को शाहपुर में डेंगू पीड़ित बालक के घर के आस-पास मच्छरमार दवा का छिड़काव करने का आदेश दिया था। टीम ने वहां 50 घरों के पास छिड़काव किया।
सीएचसी में भेजी दवा
स्वास्थ्य विभाग ने जिला के तमाम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पहले से मच्छरमार दवा भेज रखी है। छिड़काव के तौर-तरीके समझाने के लिए बाकायदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के सभी हेल्थ इंस्पेक्टर की सिविल अस्पताल में एक मीटिंग बुलाई गई थी। इसमें तमाम हेल्थ इंस्पेक्टर शामिल हुए थे। शहर के अंदर छिड़काव करने की जिम्मेवारी प्रशासन ने नगर निगम को सौंप रखी है।
हमने हर सीएचसी पर मच्छरमार दवा पहले से भेज रखी है। कर्मचारी संभावित जगहों पर दवा का छिड़काव कर रहे हैं। शाहपुर गांव में डेंगू का केस सामने आया है। रोगी के घर के पास के 50 घरों के आस-पास दवा का छिड़काव कराया गया है।
-डॉ. जया गोयल, जिला मलेरिया अधिकारी।