लाला लाजपतराय यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनरी साइंस को 463 एकड़ जमीन देने लिए रिकॉर्ड तैयार कर प्रशासन को सौंप दिया गया है। एचएयू अपनी साउथ बाईपास के साथ लगती जमीन को लुवास कैंपस के लिए देगा। अधिकारियों की ओर से जमीन की डिमार्केशन कर ली गई है।
पिछले करीब चार साल से कैंपस का इंतजार कर रहे लुवास को जल्द ही अपना खुद का कैंपस मिलने की उम्मीद है। लुवास को एचएयू की ओर से जमीन देने का प्रस्ताव तय हो चुका है। लुवास को दी जाने वाली जमीन की डिमार्केशन कर ली गई है। साउथ बाईपास के साथ लगती जमीन लुवास को दी जाएगी। लुवास की ओर से लंबे समय से कैंपस के लिए जमीन की डिमांड की जा रही थी।
करीब डेढ़ साल पहले लुवास को कैंपस के लिए 350 करोड़ रुपये का लोन भी मंजूर हो गया था। बरवाला रोड पर यूनिवर्सिटी कैंपस का प्रोजेक्ट भी तैयार कर लिया गया था। इस बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रस्तावित प्रोजेक्ट के कारण लुवास कैंपस का स्थान बदलने का फैसला लिया गया। प्रदेश सरकार के निर्देश पर लुवास के कुलपति ने अन्य स्थानों पर जमीन चयन की, जिसमें प्रदेश सरकार की ओर से एचएयू को जमीन देने को फाइनल किया गया। इसी सप्ताह जमीन को लुवास को सौंपने के बारे में फाइनल मीटिंग की जानी है। प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में यह मीटिंग होगी।
सीएम ने दी थी सहमति
जमीन के लिए डीसी चंद्रशेखर खरे, लुवास के कुलपति, पशु पालन विभाग के निदेशक, जिला नगर योजनाकार की कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने साउथ बाईपास के दोनों ओर 463 एकड़ जमीन चिह्नित की थी। जिस पर 8 अप्रैल को सीएम मनोहरलाल ने सहमति प्रदान कर दी थी।
110 एकड़ में आफिस, कॉलेज तथा स्टोर बनेंगे
लुवास की ओर से प्रस्तावित कैंपस का एक मैप तैयार किया गया है, जिसमें कितनी जमीन पर क्या बनेगा इसका पूरा ब्योरा रखा गया है। लुवास कॉलेज, ऑफिस एंड स्टोर्स 110 एकड़ में बनाए जाएंगे। कुल 463 एकड़ जमीन का चयन किया गया है।