हिसार। राजकीय महिला महाविद्यालय में शुक्रवार को पंचनद शोध संस्थान, इतिहास विभाग और कंप्यूटर विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में स्वाधीनता का मंत्र : वंदेमातरम् विषय पर संगोष्ठी आयोजित हुई। मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त प्रोफेसर मुदिता वर्मा ने वंदेमातरम् के इतिहास और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने 1878 में रचित उपन्यास आनंदमठ में वंदेमातरम् को स्थान दिया जिसका पहली बार 1896 में गायन हुआ। यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन में प्रेरणा और साहस का प्रतीक बना।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य सतीश सिंगला ने की। उन्होंने वंदेमातरम् की भावना को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया। विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष नरेंद्र ने विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों के अध्ययन के लिए प्रेरित किया। संगोष्ठी से पहले पौधरोपण किया गया और अंत में अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।