हांसी। बदलते मौसम में जहां दिन में गर्मी तो रात में हल्की ठंड हो जाती है। दिन की गर्मी देखकर लोग रात की हल्की सर्दी के प्रति लापरवाह रहते हैं। यहीं लापरवाही बीमारी का कारण बन रही है। मौसम बदलने के साथ नागरिक अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। सबसे ज्यादा सर्दी, जुकाम, बुखार और हृदय रोगी अस्पताल पहुंच रहे हैं।
बदलता मौसम श्वांस, दमा, ब्लड प्रेशर, हृदय के मरीजों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। अस्पतालों में धीरे-धीरे ऐसे मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, जो मौसमी बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। सर्दी जुकाम के अलावा खांसी से पीड़ित मरीजों की संख्या सबसे अधिक है। इसके अलावा बदन दर्द, जोड़ों का दर्द और सांस फूलने से परेशान मरीज भी आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 300 से 400 मरीज जांच के लिए आ रहे हैं। उधर, अस्थमा, दमा, ब्लड प्रेशर, सांस फूलने और सीने में दर्द के मरीजों की संख्या भी बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही एक दिन में 10 से 20 मरीज हृदय रोग से संबंधित पहुंच रहे हैं। ऐसे में हृदय रोगियों को सबसे अधिक खतरा है।
मौसमी बीमारियों से बचाव
-सुबह शाम की ठंड से बचें
- गर्म कपड़े पहनें
- गर्म पानी पीएं व गर्म भोजन खाएं
- ठंडी चीजों का इस्तेमाल का न करें
- सर्दी-जुकाम होने पर भी चिकित्सक की सलाह लें
- मुंह पर मास्क या कपड़ा रख कर निकलें।
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ठंड में हार्टअटैक का खतरा अधिक रहता है। सीने में दर्द वाले मरीज तो प्रतिदिन आ रहे हैं। सर्दी, खांसी, जुकाम, बदन दर्द आदि के मरीजों की संख्या बढ़ ही रही है। तो उन्हें ठंड से बचाव की जरूरत है। सीने में जरा सा भी दर्द हो तो तुरंत चिकित्सक से सलाह लेकर दवा लें। गर्म पानी पिएं। सुबह शाम पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े ही पहनकर निकलें, तो सुबह और शाम को पड़ने वाली हल्की ठंड के साथ बीमारियों से बचा जा सकता है। - डॉ़ कामिद मोंगा, मेडिकल ऑफिसर, नागरिक अस्पताल, हांसी।