एसआईटी ने तीन महीने खंगाले रिकॉर्ड
16 मई 2025 को ज्योति को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले में एसपी शशांक कुमार सावन ने एसआईटी का गठन किया था। डीएसपी सुनील कुमार के नेतृत्व में बनी एसआईटी में इंस्पेक्टर निर्मला, साइबर सेल इंचार्ज अमित, स्पेशल स्टाफ से एसआई सतपाल शामिल रहे। एसआईटी ने 3 महीने तक जांच के बाद चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में दाखिल की है।
पहलगाम हमले को लेकर भी शक
पहलगाम की दर्दनाक घटना को लेकर भी जांच एजेंसियों को ज्योति मल्होत्रा पर शक है। ज्योति मल्होत्रा केस में अभी पुलिस ने पहलगाम हमले की जांच को पेंडिंग रखा है। एसआईटी अभी इसकी जांच कर रही है कि पहलगाम हमले से ज्योति मल्होत्रा का कोई कनेक्शन था या नहीं। ज्योति मल्होत्रा पहलगाम हमले से कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान की यात्रा करके आई थी। ज्योति ने पहलगाम में वीडियो भी शूट किए थे। इन दोनों बिंदुओं को लेकर जांच एजेंसी जांच कर रही है। ज्योति पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत जासूसी, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और गोपनीय जानकारी साझा करने जैसे गंभीर आरोप हैं।
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