बरवाला के सतलोक आश्रम प्रकरण के तीन मुकदमों में शुक्रवार को सेंट्रल जेल 2 में सुनवाई हुई। अदालत ने तीनों मुकदमों में सुनवाई के बाद अगली तारीख 16 जुलाई मुकर्रर की। रामपाल समर्थक कोर्ट के बाहर और बालसमंद माइनर की पटरियों पर इधर-उधर आते-जाते रहे।
बंधक बनाकर रास्ता रोकने, सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने और आवश्यक वस्तु अधिनियम के मुकदमों की सुनवाई हुई। न्यायिक दंडाधिकारी मुकेश कुमार ने जेल में अदालत लगाई। वहीं सुनवाई की प्रक्रिया हुई। रामपाल इसी जेल में बंद है।
एक मुकदमे में एएसआई चांदीराम और ईएचसी राकेश कुमार ने गवाही देते हुए रामपाल को गिरफ्तारी की कार्रवाई और अन्य बातें बताईं। रामपाल के दिल्ली से आए अधिवक्ता एपी सिंह गवाहों से गिरफ्तारी के समय वे वहां थे या नहीं। गिरफ्तारी वारंट देखा या नहीं समेत कई सवाल पूछे। अदालत ने सुनवाई के बाद तीनों मुकदमों में 16 जुलाई की तिथि मुकर्रर कर दी।
मुलजिमों जैसा व्यवहार कर रहे सुरक्षा कर्मी : एपी सिंह
रामपाल के दिल्ली से आए अधिवक्ता एपी सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा है कि जेल कर्मी उनसे ठीक व्यवहार नहीं कर रहे। मुलजिमों की तरह उनसे व्यवहार किया जा रहा है। ऐसे तरीके से तलाशी का कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने कहा कि 20 साल की वकालत के दौरान हमने कभी जेल के सुरक्षा कर्मियों को ऐसा व्यवहार किसी के साथ न करते देखा और न सुना।
कोर्ट के पास घूमते रहे समर्थक
रामपाल के समर्थक शुक्रवार को भी दिखाई दिए। वे जेल 2 के आसपास, बालसमंद माइनर की पटरियों और कोर्ट के सामने इधर-उधर घूमते रहे। महिला, पुरुष और बच्चे पहुंचे थे। कुछ राजगढ़ रोड की ग्रीन बेल्ट परिसर में बैठे थे। हालांकि पुलिस कर्मी उन्हें वहां टिकने नहीं दे रहे थे। पुलिस ने रामपाल की तारीख को देखते हुए अतिरिक्त फोर्स तैनात कर रखी थी।