सतलोक आश्रम के मुखी रामपाल केस में अब पुलिस खुद गवाही देने से पीछे हट रही है। शनिवार को रामपाल की चार मामलों में पेशी थी। उन पर दर्ज दो केसों में एक पुलिसकर्मी व दूसरे आमजन के व्यक्ति की गवाही थी। दोनों ही गवाह गैर हाजिर रहे। अब ऐसे में तो खुद पुलिस ही अब गवाही न देेकर केस कमजोर कर रही है। शनिवार को रामपाल व उसके बेटे सहित 6 लोगों की पेशी हुई।
तीन अलग-अलग कोर्ट में उन्हें पेश किया गया। सभी मामलों में आगामी 18 दिसंबर की तारीख लगी है। रामपाल को मुकदमा नंबर 426 व 427 में जेएमआईसी मुकेश कुमार की कोर्ट में पेश किया गया। दोनों मामलों में दो लोगों की गवाही थी।
एक गवाह पब्लिकमैन था तथा दूसरा गवाह पुलिसकर्मी था। दोनों ही गवाह गैरहाजिर रहे। मुकदमा नंबर 430 में सुधीर कुमार की कोर्ट में रामपाल, रामपाल का बेटा, पुरुषोत्तम, रामफल, राजेंद्र बिजेंद्र व एक अन्य सहित छह लोगों की पेशी हुई।
हत्या के मामले में रामपाल को चार्जशीट की कॉपी सौंपी गई और अब इस मामले में सेशन कोर्ट सुनवाई करेगा। मुकदमा नंबर 443 न्यायाधीश सोहन लाल मलिक की कोर्ट में रामपाल की पेशी हुई। इस मामले में आगामी तारीख पर चार्ज पर आरग्यूमेंट होगी।
वेद पुराण पढ़ सकेंगे रामपाल
रामपाल को जेल में बैठकर वेद पुराण, गीता व ज्ञानगंगा पढ़ने की अनुमति मिल गई है। रामपाल के एडवोकेट एपी सिंह ने बताया कि कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद उन्हें किताबें सप्लाई भी की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि रामपाल ने टीवी की भी मांग की थी जिसके बारे में अभी जेल से रिपोर्ट नहीं आई है। आगामी तारीख पर टीवी मिलेगा या नहीं इस पर फैसला होगा।