हिसार, नारनौंद, बास। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (एचबीएसई) की 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में जिले की बेटियों ने फिर से गौरव बढ़ाया है। नारनौंद ब्लॉक की दो बेटियों ने प्रदेश में टॉप थ्री में स्थान हासिल किया। नारनौंद के टैगोर सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा मन्हे ने 500 में से 497 अंक लेकर प्रदेश में दूसरा और बाबा उदल देव पब्लिक स्कूल मदनहेड़ी की छात्रा मोंटी ने 496 अंक प्राप्त कर प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं जीजे सीनियर सेकेंडरी स्कूल कालवास की छात्रा नेहा 494 अंक लेकर जिले में तीसरे स्थान पर रही है। प्रदेश में द्वितीय रही मन्हे ने बहन से प्रेरणा लेकर बिना ट्यूशन पढ़े अपनी मेहनत से सभी का मन मोह लिया।
कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहती हैं मन्हे
छात्रा मन्हे का सपना कंप्यूटर इंजीनियर बनना है। उसके पिता सुशील कुमार शिक्षक हैं जबकि माता मुकेश गृहिणी हैं। वह अपना आदर्श अपनी बड़ी बहन स्नेह को मानती हैं। स्नेह ने भी वर्ष 2020 में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा में प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया था। मन्हे ने बताया कि वह स्कूल में मन लगाकर पाठ्यक्रम की पुस्तकें पढ़ती थीं। स्कूल टाइम के बाद मन्हे घर पर प्रतिदिन पांच घंटे पढ़ाई करतीं। मन्हे ने बताया कि उसको रात के समय पढ़ाई करना ज्यादा पसंद है। इस दौरान वह गाने सुनकर खुद को तनाव मुक्त करती है। मोबाइल पर आज तक कोई भी गेम नहीं खेला। सिर्फ यूट्यूब पर पढ़ाई की चीजें देखती है। मन्हें ने अपनी सफलता का श्रेय स्कूल मैनेजमेंट के साथ-साथ अपने माता-पिता व बहन को दिया है।
किसान की बेटी मोंटी बनना चाहती हैं आईएएस
बास खुर्द गांव की बेटी मोंटी मदनहेड़ी के बाबा उदल देव पब्लिक स्कूल की छात्रा रही। मोंटी ने 10 कक्षा में 500 में से 496 अंक लेकर पूरे प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। छात्रा मोंटी ने बताया कि ग्रामीण आंचल की छात्राओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं होती, बस उनको तराशने की जरूरत है। मोंटी ने बताया कि वह आईएएस अधिकारी बनने देशसेवा करना चाहती है। मोंटी ने बताया कि उसके पिता सुरेंद्र किसान हैं और माता सुमन गृहिणी है। मोंटी ने बताया कि वह एकांत में पढ़ाई करना पसंद करती हैं। परीक्षा के दिनों में उसने मन लगाकर पढ़ाई की। रट्टा न लगाने के बजाय प्रश्नों को बार-बार लिखकर देखा। अधिक अंक लेने की होड़ से पढ़ाई नहीं की। परीक्षा के दिनों में रोज तड़के 3 बजे उठकर पढ़ना शुरू कर देती थी।
किसान की बेटी नेहा डाटा साइंटिस्ट बनना चाहती हैं
गुरु जंभेश्वर (जीजे) सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा नेहा 10वीं कक्षा में 494 अंक प्राप्त कर जिले में तृतीय रही। चौधरीवास की रहने वाली नेहा के पिता जयकरण किसान हैं जबकि माता संतोष गृहिणी हैं। नेहा ने बताया कि वे सात बहनें हैं। वह डाटा साइंटिस्ट बनना चाहती है। डाटा साइंटिस्ट बनकर वह अपने माता-पिता व सभी बहनों को सहारा बनना चाहती हैं। नेहा ने अपनी इस कामयाबी का श्रेय गुरुजनों व माता-पिता को दिया है। परीक्षा की तैयारी करने के लिए ट्यूशन नहीं लगाया। खुद के नोटस बनाए और तैयारी की। उनके घर का गुजारा खेतीबाड़ी से ही चलता है। उनके पिता ने सभी बहनों को बेटों की तरह पाला। प्राचार्य राधे श्याम लांबा ने बताया कि नेहा ने यह कीर्तिमान हासिल करनाम रोशन किया है। हम उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।