हिसार। कृषि क्षेत्र में नए आइडिया को कारोबार का रूप देने के मकसद से वर्ष 2019 में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में स्थापित एग्री बिजनेस इंक्यूबेशन सेंटर (एबिक) युवाओं के सपनों को उड़ान दे रहा है। पीएम मोदी ने मन की बात में स्टार्टअप पर हिसार का जिक्र कर इसे और खास बना दिया। बीते पांच सालों में यह केंद्र 65 से अधिक स्टार्टअप को 8.19 करोड़ रुपये का अनुदान दिला चुका है। स्टार्टअप शुरू करने वाले लोग न सिर्फ 1600 लोगों को रोजगार दे रहे हैं, बल्कि इनका टर्नओवर 20 करोड़ रुपये से अधिक का हो चुका है। इस सेंटर में 350 लोग प्रशिक्षण ले चुके हैं।
राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड ) एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) की तरफ से विश्वविद्यालय में स्थापित इस सेंटर के माध्यम से युवा छात्र, किसान, महिलाएं और उद्यमी मार्केटिंग, नेटवर्किंग, लाइसेंसिंग, ट्रेडमार्क व पेटेंट, तकनीकी व फंडिग से संबंधित प्रशिक्षण लेकर कृषि क्षेत्र में अपने स्टार्टअप के जरिए नए आयाम दे रहे हैं। इसके लिए छात्र कल्याण प्रोग्राम, ‘पहल’ एवं ‘सफल’-2024 नाम से तीन कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है।
1. छात्र कल्याण प्रोग्राम: यह छात्रों के लिए है, जो उन्हें उद्यमी बनाने में मदद करेगा। इसके तहत केवल छात्र ही आवेदन कर सकते हैं। चयनित छात्र को एक महीने का प्रशिक्षण व 4 लाख तक की अनुदान राशि दी जाएगी। यह राशि चयनित छात्र को एकमुश्त दी जाएगी।
2. पहल: इसके तहत चयनित उम्मीदवार को एक महीने का प्रशिक्षण व 5 लाख तक की अनुदान राशि दी जाएगी। यह राशि चयनित उम्मीदवार को एकमुश्त दी जाएगी।
3. सफल: इस प्रोग्राम के तहत चयनित उम्मीदवार को एक महीने का प्रशिक्षण व 25 लाख तक की अनुदान राशि दी जाएगी। यह राशि चयनित उम्मीदवार को दो किश्तों में दी जाएगी।
यूं करना होता है आवेदन
स्टार्ट अप के लिए एचएयू की तरफ से हर साल आवेदन मांगे जाते हैं। आवेदक को अपने आइडिया का प्रपोजल एचएयू की वेबसाइट पर अपलोड करना होता है, जो पूरी तरह से निशुल्क होता है। इसके बाद उस आइडिया पर यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक व इंक्यूबेशन कमेटी की तरफ से एक महीने तक रिसर्च की जाती है। उपयुक्त पाए जाने के बाद भारत सरकार की तरफ से गठित कमेटी की अनुशंसा पर चयनित आवेदक को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की तरफ से अनुदान राशि दी जाती है।
ये हैं शर्तें
- आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
- आवेदक के पास अपना नवीन विचार होना चाहिए जो प्रौद्योगिकी, सेवा, व्यापार पर आधारित हो और उससे कृषि एवं कृषि से जुड़े क्षेत्र में दक्षता विस्तार होता हो।
- आवेदक के पास अपने नवीन व्यवसाय का मॉडल या योजना हो, जिसमें वह कार्य करना चाहता है।
- चयनित प्रशिक्षु को एग्री इंटरप्रन्योरशिप ओरिएंटेशन प्रोग्राम के लिए हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में इंक्यूबेशन कार्यक्रम के तहत पंजीकृत होना चाहिए।
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पीएम मोदी का मन की बात में हिसार के स्टार्ट अप पर बात करना प्रेरणादायी है। एग्री बिजनेस इंक्यूबेशन सेंटर का मकसद युवाओं को कृषि उद्यमिता की तरफ आकर्षित करना है। इस कार्यक्रम से कृषि क्षेत्र में बहुत से स्टार्ट अप शुरू हो सकते हैं और युवा अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। इससे अन्य लोगों को भी रोजगार मिलेगा। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि इससे मिलने वाला अनुदान पूर्ण रूप से सहायता राशि है। यहां से 350 युवा प्रशिक्षण लेकर अपने आइडिया को स्टार्टअप के जरिए उद्यम का रूप दे चुके हैं। - प्रो. बीआर कांबोज, कुलपति, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय