एचएयू में कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज के साथ चयनित स्टार्टअप्स के संस्थापक व अन्य अधिकारीगण।
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हरियाणा के हिसार में चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (जीजेयू) स्थित एग्री बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर (एबिक) के एग्री स्टार्टअप्स के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से 16 स्टार्टअप्स के लिए एक करोड़ 98 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। कुलपति प्रो. बीआर कांबोज की अध्यक्षता में आरकेवीवाई-रफ्तार स्कीम के तहत चयनित स्टार्टअप्स और एबिक के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं।
प्रो. कांबोज ने बताया कि इस अनुदान राशि का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा स्टार्टअप्स युवाओं को रोजगार देना व खेती से संबंधित समस्याओं के समाधान में अपने कार्य क्षेत्र अनुसार किसानों को ज्यादा से ज्यादा सहयोग देना है। अनुसंधान निदेशक डॉ. जीत राम शर्मा ने बताया कि वर्ष 2021 में आरकेवीवाई-रफ्तार स्कीम के तहत 46 स्टार्टअप्स ने दो महीने का निशुल्क प्रशिक्षण लिया था। इनमें से 26 स्टार्ट अप्स की प्रस्तुति कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की गठित कमेटी के समक्ष हुई थी। इसके बाद 16 स्टार्टअप्स को अनुदान राशि के लिए चुना गया।
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एबिक के प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर डॉ. राजेश गेरा ने बताया कि हिसार के सुनील कुमार, परमवीर सिंह भूपेंद्र सिंह, सिरसा के कृष्ण लाल को 24 लाख, सौरभ गौतम को 10 लाख, झज्जर के सत्यवीर सिंह को 10 लाख, जींद के अशोक कुमार को 12 लाख, नरेश कुमार को 20 लाख, पुनीत दत्ता को 12 लाख, सैयद केशर आलम को 10 लाख, रोहतक के प्रदीप सिंह को 5 लाख, पुनीत त्रिपाठी को 5 लाख, खुशबू को 5 लाख, प्रवीन कुमार को 5 लाख, दीपिका अहलावत को 5 लाख की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।
यमुनानगर के सुभाष को 20 लाख का प्रोजेक्ट दिया गया है। सेंटर के बिजनेस मैनेजर विक्रम सिंधु ने बताया कि स्कीम के तहत पहल व सफल के लिए इस साल के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इसके लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.hau.ac.in पर 17 अक्तूबर तक ऑनलाइन आवेदन करें।