एचएयू के कुलसचिव डॉ. पवन कुमार एवं अन्य। स्रोत : विवि
हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) ने सरसों की पहली संकर किस्म आरएचएच 2101 को किसानों तक पहुंचाने के लिए हेमट्रिक्स एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड, रुद्रपुर (उत्तराखंड) के साथ समझौता किया है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत हुए समझौते के बाद कंपनी लाइसेंस फीस का भुगतान कर इस किस्म के बीज का उत्पादन और विपणन कर सकेगी।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव पवन कुमार ने बताया कि समझौते से किसानों को उन्नत किस्म का बीज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। एचएयू की ओर से अनुसंधान निदेशक राजबीर गर्ग और हेमट्रिक्स एग्रीटेक की ओर से क्षेत्रीय प्रबंधक बीएन मिश्रा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
आरएचएच 2101 किस्म की विशेषताएं
अनुसंधान निदेशक राजबीर गर्ग ने बताया कि आरएचएच 2101 करीब 142 दिन में पककर तैयार होती है। इसकी औसत उपज 28 से 30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। इसमें शाखाओं और फलियों में दानों की संख्या अधिक होती है। इसके दानों में करीब 40 फीसदी तेल अंश पाया जाता है।