एचएयू के पूर्व बेलदार के बेटों से मकान खाली कराते समय बड़े बेटे को हार्ट अटैक आ गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने गाड़ी से सूरज को अस्पताल भिजवाया। सामान्य अस्पताल में पहुंचने से पहले ही सूरज की मौत हो गई।
सरदारा राम एचएयू में बेलदार के पद पर तैनात थे। 2009 में उनकी मौत हो गई थी। मूल रूप से यूपी के रहने वाले सरदारा सिंह के बेटों के पास रहने के लिए कोई दूसरा आसरा नहीं था। इस कारण वह कैंपस के मकान में ही रह रहे थे। इस मकान में सुरेंद्र, विकास और सूरज रहते थे। मकान खाली करने को लेकर सेशन अदालत में केस चल रहा है। इस मकान को खाली कराने के लिए एचएयू प्रशासन ने पुलिस बल मांगा था। इस पर पुलिस की ओर से शुक्रवार को बल उपलब्ध कराया गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर नायब तहसीलदार एचके गुप्ता को भेजा गया। एचएयू में क्वार्टर नंबर 14-200 को दस्ते ने खाली करने के लिए निर्देश दिया। सुरेंद्र और सूरज ने मकान को खाली करना शुरू कर दिया। इस बीच सूरज पहली मंजिल पर बने मकान से सामान उतार रहा था। सूरज को इस दौरान चक्कर आ गए। परिजनों ने बताया कि सूरज को हार्ट की प्रॉब्लम है। जिस पर मौके पर मौजूद ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने सरकारी गाड़ी से सूरज को एचएयू अस्पताल भेजा। एचएयू के अस्पताल से उसे सिविल अस्पताल में रेफर किया गया। सामान्य अस्पताल पहुंचने से पहले ही सूरज की मौत हो गई। मृतक सूरज के भाई सुरेंद्र ने बताया कि मकान को लेकर सेशन कोर्ट में केस चल रहा है, जिसमें सात जुलाई को सुनवाई होनी है। हमने मकान खाली करने को लेकर एक सप्ताह का समय मांगा था।